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एक्सपर्ट से जानें क्या है मोबाइल इस्तेमाल करने का 20-20-20 रूल? जो आंखों की सेहत का रखेगा हमेशा ख्याल

What is the 20-20-20 Rule to Prevent Eye Strain : मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल लंबे समय तक करते हैं तो जरूरी है, कि आप इसके लिए कुछ सावधानियां जरूर रखें। जी हां आज हम आपको आंखों के लिए बनाया गया 20-20-20 नियम बताने जा रहे हैं। जिसे अपनाकर आप अपनी आंखों की सेहत को बेहतर बना सकते हैं।

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what is 20-20-20 rule

Eye Health Tips : आज तेजी से बदलते लाइफस्टाइल और वर्क कल्चर के कारण लोगों की आंखों पर काफी बुरा असर देखने को मिल रहा है। ऑफिस का काम काफी हद तक ऑनलाइन सिफ्ट हो गया है। जिसे करने के लिए लोगों को घंटों तक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने नजर लगाकर बैठना पड़ता है। इसके अलावा आजकल बच्चों की ऑनलाइन चलने वाली क्लासेज से भी उनका स्क्रीन टाइम काफी ज्यादा बढ़ गया है। देखने को मिल रहा है कि लोग आज 6 घंटे से भी ज्यादा औसतन स्क्रीन के सामने अपना समय बिता रहे हैं। मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट जैसे गैजेट्स आज हमारी बेसिक नीड बन गए हैं। आपके जीवन को आसान करने वाले ये गैजेट्स आपकी सेहत के लिए काफी परेशानी की वजह बन रहे हैं। लोगों में डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या काफी ज्यादा देखने को मिल रही है। स्क्रीन टाइम से जुड़ी इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए आपको 20-20-20 नियम का पालन करना चाहिए। आइए अमृता अस्पताल, फरीदाबाद की वरिष्ठ नेत्र रोग चिकित्सक डॉ. चित्रलेखा डे से जानते हैं क्या है ये नियम और कितना है कारगर?

स्क्रीन टाइम बढ़ने से होने वाली समस्याएं

डॉ. चित्रलेखा डे ने बताया कि डिजिटल डिवाइस की स्क्रीन पर बिताया जाने वाला समय हमारी आंखों के स्वास्थ्य को खराब कर रहा है। एक औसत भारतीय प्रतिदिन 6.5 घंटे से अधिक स्क्रीन पर बिता रहा है। लगातार बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण हम डिजिटल आई स्ट्रेन (DIS) के मामलों में भारी वृद्धि देख रहे हैं। हाल ही में एम्स में हुए एक अध्ययन में ये बात पता चली है कि रोजाना 4 घंटे से ज्यादा स्क्रीन पर काम करने वाले 74% से ज्यादा लोगों में डिजिटल आई स्ट्रेन (DIS) की समस्या सामने आती है। जिसके कारण सूखी आंखें, दृष्टि का धुंधला होना, सिरदर्द और आँखों की थकान जैसी समस्याएं शामिल हैं।

20-20-20 rule eye strain

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क्या है 20-20-20 नियम?

डॉ. चित्रलेखा डे के मुताबिक 20-20-20 नियम का पालन आपको किसी भी स्क्रीन पर काम करते समय जरूर करना चाहिए। इस नियम के मुताबिक स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय आपको प्रत्येक 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखना चाहिए। इसका मतलब है कि आपको काम के दौरान 20 मिनट के बाद 20 सेकंड का ब्रेक लेना है और इस दौरान स्क्रीन को बिल्कुल नहीं देखना है। इस 20 सेकंड के ब्रेक में आप किसी 20 फीट दूर रखी चीज पर अपनी नजर लगा सकते हैं।

शहरी बच्चों में बढ़ी समस्या

डॉ. चित्रलेखा डे ने बताया कि बच्चे विशेष रूप से बढ़े हुए स्क्रीन टाइम से ज्यादा प्रभावित होते हैं। इंडियन जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी (2022) के एक अध्ययन के अनुसार, शहरी बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) का प्रचलन 2019 के मुकाबले 8% बढ़ गया था। साल 2019 में इसके मामले 13% थे जो कोविड के बाद साल 2022 में बढ़कर 21% से अधिक हो गया। जिसका सबसे बड़ा कारण लॉकडाउन के दौरान बहुत अधिक बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम है। इसके अलावा रात में सोने से पहले का स्क्रीन टाइम आपकी नींद को खराब कर सकता है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन के लेवल को कम कर देती है। जिससे हमारा नींद का क्रम और गुणवत्ता खराब हो जाती है।

Eyes Health tips

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आंखों को हेल्दी रखने के 5 आसान उपाय

  • स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय 20-20-20 नियम को जरूर अपनाएं। यह आंखों की मांसपेशियों को आराम देता है और तनाव कम करता है।
  • स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय अपनी पलकें बार-बार झपकाएं। जिससे आंखों का सूखापन कम होता है और आंखों में नमी बनी रहती है।
  • स्क्रीन पर काम करते समय ब्लू लाइट फिल्टर को हमेशा ऑन रखें और इसके लिए चश्मे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • स्क्रीन से कम से कम 20-28 इंच की दूरी बनाए रखें और स्क्रीन की ऊंचाई आंखों के लेवल पर रखें।
  • आंखों को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है कि रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें। नींद की कमी से आंखों में जलन और सूखापन हो सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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