भागदौड़ भरी जिंदगी में आज कई लोगों को नींद से जुड़ी तमाम तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं। जिसमें कुछ लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती तो वहीं कुछ लोगों को नींद लेते समय कुछ समस्याएं होती हैं। नींद की कमी किसी भी कारण से हो हमारे लिए कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम का कारण बन जाती है। आज काम के बोझ तले हमारा स्लीपिंग पैटर्न बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। वहीं हम कुछ स्लीपिंग डिसऑर्डर के बारे में आपको बताएंगे कि कैसे ये डिसऑर्डर आपको बीमार कर सकते हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक समस्या स्लीप पैरालिसिस के बारे में बताने जा रहे हैं।
क्या है स्लीप पैरालिसिस? - What is Sleep paralysis
यह नींद से जुड़ी एक ऐसी समस्या है जिसमें हमें ऐसा महसूस होता है कि हम नींद से जाग चुके हैं, लेकिन हमारा शरीर सो रहा होता है। इस स्थिति में हम लाख उठने की कोशिश करके के बाद भी अपने हाथ-पैरों को नहीं हिला पाते हैं। यदि आपने कभी ऐसी स्थिति को महसूस किया है, तो इसे ही 'स्लीप पैरालिसिस' कहा जाता है।
स्लीप पैरालिसिस के कारण - Causes of Sleep paralysis
स्लीप पैरालिसिस एक तंत्रिका तंत्र संबंधी समस्या है, जिससे बहुत से लोग परेशान होते हैं। यह समस्या अक्सर सोते हुए महसूस की जाती है। वहीं बात करें इस समस्या की तो यह आपको किशोरावस्था में ज्यादा देखने को मिलती है। आइए जानते हैं इसके पीछे कुछ कारण..
- नींद की कमी होना।
- नशीले पदार्थों का सेवन।
- बहुत अधिक मानसिक दबाव।
- तनाव में रहना।
- स्लीपिंग पैटर्न में बदलाव।
- पैनिक डिसऑर्डर।
स्लीप पैरालिसिस से बचाव के उपाय - How to Prevent Sleep Paralysis
- कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें।
- सोने से 2 घंटे पहले गैजेट्स से दूर रहें।
- स्लीपिंग टाइम को फिक्स करें।
- कमरे की लाइट को कम करके सोएं।
- मादक पदार्थों का सेवन न करें।
- डेली एक्सरसाइज करें।
- तनाव को दूर करने के लिए योगा का सहारा लें।
