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क्या है स्लीप पैरालिसिस? किन लोगों को होता है इसका खतरा, जानें इससे बचाव के आसान उपाय

एक ऐसी अवस्था जिसमें हमारा शरीर सो रहा होता है, लेकिन हमारा दिमाग जाग जाता है। यदि आपको भी कभी नींद में ऐसा महसूस हुआ है तो आप स्लीप पैरालिसिस के शिकार हो चुके हैं। आज इस लेख में हम आपको स्लीप पैरालिसिस के बारे में से बताएंगे। आइए जानते हैं विस्तार से...

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Sleep paralysis

Photo : iStock

भागदौड़ भरी जिंदगी में आज कई लोगों को नींद से जुड़ी तमाम तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं। जिसमें कुछ लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती तो वहीं कुछ लोगों को नींद लेते समय कुछ समस्याएं होती हैं। नींद की कमी किसी भी कारण से हो हमारे लिए कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम का कारण बन जाती है। आज काम के बोझ तले हमारा स्लीपिंग पैटर्न बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। वहीं हम कुछ स्लीपिंग डिसऑर्डर के बारे में आपको बताएंगे कि कैसे ये डिसऑर्डर आपको बीमार कर सकते हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक समस्या स्लीप पैरालिसिस के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या है स्लीप पैरालिसिस? - What is Sleep paralysis

यह नींद से जुड़ी एक ऐसी समस्या है जिसमें हमें ऐसा महसूस होता है कि हम नींद से जाग चुके हैं, लेकिन हमारा शरीर सो रहा होता है। इस स्थिति में हम लाख उठने की कोशिश करके के बाद भी अपने हाथ-पैरों को नहीं हिला पाते हैं। यदि आपने कभी ऐसी स्थिति को महसूस किया है, तो इसे ही 'स्लीप पैरालिसिस' कहा जाता है।

स्लीप पैरालिसिस के कारण - Causes of Sleep paralysis

स्लीप पैरालिसिस एक तंत्रिका तंत्र संबंधी समस्या है, जिससे बहुत से लोग परेशान होते हैं। यह समस्या अक्सर सोते हुए महसूस की जाती है। वहीं बात करें इस समस्या की तो यह आपको किशोरावस्था में ज्यादा देखने को मिलती है। आइए जानते हैं इसके पीछे कुछ कारण..

  • नींद की कमी होना।
  • नशीले पदार्थों का सेवन।
  • बहुत अधिक मानसिक दबाव।
  • तनाव में रहना।
  • स्लीपिंग पैटर्न में बदलाव।
  • पैनिक डिसऑर्डर।

स्लीप पैरालिसिस से बचाव के उपाय - How to Prevent Sleep Paralysis

  1. कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें।
  2. सोने से 2 घंटे पहले गैजेट्स से दूर रहें।
  3. स्लीपिंग टाइम को फिक्स करें।
  4. कमरे की लाइट को कम करके सोएं।
  5. मादक पदार्थों का सेवन न करें।
  6. डेली एक्सरसाइज करें।
  7. तनाव को दूर करने के लिए योगा का सहारा लें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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