What Is Hepatitis In Hindi: हमारे शरीर के कुछ अंग ऐसे होते हैं, जो लगातार और चुपचाप अपना काम करते हैं, लेकिन इनके स्वास्थ्य को अक्सर हममें से ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा ही एक अंग है लिवर, जो हर दिन खून को साफ करता है, खाना पचाने में मदद करता है और शरीर को एनर्जी देता है। लेकिन जब लिवर में सूजन आ जाती है, तो यह एक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसे हेपेटाइटिस कहते हैं। यह बीमारी दिखने में तो आम लग सकती है, लेकिन अगर इसे समय रहते नहीं समझा गया, तो यह लिवर को इतना नुकसान पहुंचा सकती है कि मरीज को सिरोसिस, फेलियर या कैंसर तक का खतरा हो सकता है।
डॉ. रोहित मेहतानी, जो अमृता अस्पताल (फरीदाबाद) में वरिष्ठ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट हैं, बताते हैं 'हेपेटाइटिस को अगर वक्त पर पहचाना जाए, तो इसका इलाज आसान है। लेकिन इसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।' विश्व हेपेटाइटिस दिवस (World Hepatitis Day) के मौके पर आज हम आपको बताएंगे कि हेपेटाइटिस होता क्या है, कैसे फैलता है, इसके लक्षण, इलाज और इससे कैसे बचाव किया जा सकता है।
हेपेटाइटिस क्या होता है (Hepatitis Kya Hota Hai)
हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें लिवर में सूजन आ जाती है। यह सूजन वायरस, शराब, कुछ दवाइयों, हानिकारक टॉक्सिन या शरीर की खुद की इम्यून सिस्टम की वजह से हो सकती है। जब लिवर में सूजन लंबे समय तक बनी रहती है, तो लिवर धीरे-धीरे खराब होने लगता है।
फोर्टिस अस्पताल के सीनियर गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. सुरक्षिथ टीके, कहते हैं कि हेपेटाइटिस संक्रामक भी हो सकता है और कई बार बिल्कुल बिना लक्षणों के भी बढ़ सकता है।

Hepatitis इन हिंदी
हेपेटाइटिस के मुख्य कारण क्या हैं (Hepatitis Ke Karan)
हेपेटाइटिस के कई कारण होते हैं। सबसे आम कारण है वायरल संक्रमण, यानी हेपेटाइटिस A, B, C, D और E जैसे वायरस। इनके अलावा हेपेटाइटिस शराब के अधिक सेवन, कुछ दवाइयों या हर्बल सप्लीमेंट, दूषित पानी या भोजन, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून, और साझा की गई सुई या रेजर से भी हो सकता है।
डॉ. रोहित मेहतानी बताते हैं कि मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियां भी लिवर पर असर डालती हैं और हेपेटाइटिस के खतरे को बढ़ा सकती हैं।
हेपेटाइटिस के प्रकार (Hepatitis Ke Prakar)
हेपेटाइटिस A और E आमतौर पर दूषित भोजन और पानी से फैलते हैं। ये ज्यादातर खुद-ब-खुद ठीक हो जाते हैं। हेपेटाइटिस B और C खून, शरीर के तरल पदार्थ या संक्रमित सुई के संपर्क में आने से फैलते हैं। ये लिवर को स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। हेपेटाइटिस D सिर्फ उन्हें होता है जिन्हें पहले से हेपेटाइटिस B है।
शारदा अस्पताल के सीनियर इंटरनल मेडिसिल कंसल्टेंड डॉ. श्रेय श्रीवास्तव कहते हैं - 'हेपेटाइटिस C सबसे खतरनाक रूप है क्योंकि इसमें मरीज को कई साल तक कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन लिवर लगातार खराब होता रहता है।'

हेपेटाइटिस कितने प्रकार के होते हैं?
हेपेटाइटिस के लक्षण क्या होते हैं (Hepatitis ke Lakshan in Hindi)
हेपेटाइटिस के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। कई बार तो लक्षण होते ही नहीं और जब सामने आते हैं तब तक लिवर काफी नुकसान झेल चुका होता है। सामान्य लक्षणों में थकान महसूस होना, भूख न लगना, पेट में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, गाढ़ा पेशाब, हल्का मल और आंखों या त्वचा में पीलापन (पीलिया) शामिल हैं।
डॉ. सुरक्षित टीके के अनुसार, हेपेटाइटिस B और C में जोड़ों में दर्द भी देखा जा सकता है, जो अन्य प्रकारों में नहीं होता।

हेपेटाइटिस के लक्षण
हेपेटाइटिस B और C का इलाज क्या है (Hepatitis B aur C ka Ilaj)
हेपेटाइटिस A और E का कोई विशेष इलाज नहीं होता, ये अपने आप ठीक हो जाते हैं। मरीज को आराम, पानी और पोषण की जरूरत होती है। लेकिन हेपेटाइटिस B और C के लिए दवाएं दी जाती हैं। हेपेटाइटिस B में लंबे समय तक एंटीवायरल दवाएं दी जाती हैं, ताकि वायरस को कंट्रोल किया जा सके।
डॉ. श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं कि हेपेटाइटिस C अब पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। 'आजकल DAAs (Direct Acting Antivirals) नाम की दवाइयों से 95% से ज्यादा मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।'
हेपेटाइटिस से बचाव कैसे करें (Hepatitis se Bachav Ke Tarike)
हेपेटाइटिस से बचना बहुत आसान है, अगर हम रोजमर्रा की आदतों में थोड़ी सी सावधानी बरतें। हेपेटाइटिस A और B के लिए टीकाकरण उपलब्ध है, जो बच्चों और वयस्कों दोनों को लगवाना चाहिए। खाना खाने से पहले और टॉयलेट के बाद हाथ धोना, साफ पानी पीना, असुरक्षित यौन संबंध से बचना, सुई या रेजर जैसी चीजों को साझा न करना, और खून चढ़ाने से पहले उसकी जांच करवाना, ये सब छोटे लेकिन असरदार कदम हैं।
डॉ. रोहित मेहतानी जोर देते हैं कि लोगों को यात्रा पर निकलने से पहले हेपेटाइटिस के खिलाफ टीकाकरण जरूर करवाना चाहिए, खासकर अगर वे किसी ऐसे क्षेत्र में जा रहे हैं जहां साफ-सफाई की कमी है।

हेपेटाइटिस से बचाव
हेपेटाइटिस से लिवर को कैसे नुकसान होता है (Hepatitis aur Liver Damage)
हेपेटाइटिस अगर लंबे समय तक इलाज के बिना रहता है, तो यह लिवर में फाइब्रोसिस (घाव), सिरोसिस (स्थायी क्षति), लिवर फेलियर और यहां तक कि लिवर कैंसर (Hepatocellular Carcinoma) का कारण बन सकता है।
डॉ. सुरक्षित टीके का कहना है - 'लिवर हमारे शरीर का नायक है, लेकिन यह चुपचाप काम करता है। जब तक हम उसे गंभीरता से नहीं लेते, तब तक वह चुपचाप कमजोर होता रहता है।'
हेपेटाइटिस से जुड़े भ्रम और सच्चाई (Myths vs Facts about Hepatitis)
बहुत से लोग मानते हैं कि हेपेटाइटिस सिर्फ शराब पीने वालों को होता है, जबकि सच यह है कि वायरस, दवाएं और इम्यून सिस्टम से जुड़ी समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं। कुछ को लगता है कि गले मिलने या साथ खाने से हेपेटाइटिस फैलता है- लेकिन यह गलत है। Hepatitis B और C सिर्फ खून या शरीर के तरल से फैलते हैं।
डॉ. श्रेय श्रीवास्तव यह भी बताते हैं कि 'हेपेटाइटिस C लाइलाज नहीं है, इसे नई दवाओं से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।'

डॉक्टर को कब दिखाएं
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए (Doctor ke Paas Kab Jayein)
अगर किसी को लगातार थकावट, पेट दर्द, उल्टी, आंखों या त्वचा में पीलापन दिखे, या पेशाब गाढ़ा हो जाए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं, खून चढ़ाया गया है, या असुरक्षित यौन संबंध हुए हैं, तो जांच जरूर कराएं। डॉ. रोहित मेहतानी सलाह देते हैं कि जिन लोगों को डायबिटीज, मोटापा या हाई ब्लड प्रेशर है उन्हें नियमित रूप से लिवर फंक्शन की जांच करानी चाहिए।
निष्कर्ष
हेपेटाइटिस एक गंभीर लेकिन काबू में रहने वाली बीमारी है। अगर आप समय पर लक्षणों को पहचान लें, बचाव के उपाय अपनाएं और डॉक्टर से जांच कराते रहें, तो लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
हमेशा याद रखें कि लिवर चुपचाप सब सहता है, लेकिन जब वह जवाब देता है, तो स्थिति गंभीर हो जाती है। समय पर जानकारी, इलाज और जीवनशैली में सुधार से आप और आपका परिवार हेपेटाइटिस से सुरक्षित रह सकते हैं।
