Diabetes Mellitus: डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus) को सामान्य तौर पर मधुमेह (Diabetes) या डीएम (DM) भी कहा जाता है। डायबिटीज मेलिटस एक तरह से बीमारियों का समूह है और इसमें सभी तरह की डायबिटीज वाली बीमारियां शामिल होती हैं। साथ ही इसमें आने वाली सभी बीमारियां ब्लड शुगर लेवल से संबंधित होती हैं। डायबिटीज मेलिटस की बीमारियों से परेशान मरीजों का इलाज बहुत जरूरी होता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो आगे कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
दुनियाभर में डायबिटीज मेलिटस से प्रभावित हैं बड़ी संख्या में लोग
खासतौर से डायबिटीज मेलिटस के 4 प्रकार हैं, जिनमें टाइप 1 डायबिटीज, टाइप 2 डायबिटीज, गर्भावधि डायबिटीज और सेकेंडरी डायबिटीज है।डायबिटीज मेलिटस से दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। अनुमान है कि साल 2030 तक दुनियाभर में डायबिटीज रोगियों की संख्या 366 मिलियन तक पहुंच सकती है। डायबिटीज टाइप 2 दुनियाभर में डायबिटीज मेलिटस का सबसे आम रूप है।
डायबिटीज मेलिटस तब होता है जब आपका शरीर इंसुलिन नामक हार्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाता है, या जो इंसुलिन पैदा करता है वह प्रभावी नहीं होता है। साथ ही डायबिटीज मेलिटस में ब्लड शुगर का लेवल असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इस बीमारी में मरीजों को कुछ फल और सब्जियों को खाने से परहेज करना चाहिए, जिनमें शामिल है आलू, शकरकंद, कटहल, आम, अंगूर, खजूर, केला, चुकंदर और गाजर।
डायबिटीज मेलिटस और डायबिटीज में क्या है अंतर?
डायबिटीज मेलिटस और डायबिटीज में कोई खास अंतर नहीं है। लेकिन दोनों ही बीमारियां काफी ज्यादा खतरनाक है और समय रहते इनका इलाज करना जरूरी है।
डायबिटीज मेलिटस के ये हैं लक्षण
डायबिटीज मेलिटस के लक्षणों में खासतौर से बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब जाना, आंखों की रोशनी कम होना, थकान लगना, अचानक से वजन कम होना, भूख लगना सर दर्द आदि है।
