हेल्थ

रोज सुबह सिर्फ टहलें नहीं करें ब्रिक्स वॉक, सिर्फ इतनी देर चलने से दूर होंगे डायबिटीज और हार्ट अटैक जैसे जानलेवा खतरे

रोज सुबह टहलना हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। ऐसा आपने अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ टहलना सेहतमंद रहने के लिए काफी नहीं है। जी हां आज हम आपको ब्रिक्स वॉक के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

Image

brisk walk benefits

Photo : iStock

स्वस्थ जीवन जीने के लिए जितना जरूरी खानपान का ध्यान रखना है उतना ही जरूरी शारीरिक रूप से एक्टिव रहना भी है। यदि आप जिम जाकर वर्कआउट नहीं कर पा रहे हैं या खुद को फिट रखने के लिए बहुत अधिक फिजिकल एक्टिविटी नहीं कर पाते हैं, तो आपको बता दें कि आप केवल थोड़ी देर चलकर भी खुद को फिट बनाए रख सकते हैं। जी हां रोजाना सुबह 30 मिनट की ब्रिक्स वॉकिंग आपको कई तरह के लाइफस्टाइल रोगों से बचाकर रख सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्रिक्स वॉक होता क्या है? यदि नहीं तो आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

क्या होती है ब्रिक्स वॉक? - What is Brisk Walk in Hindi

ब्रिक्स वॉक जिसे तेजी से टहलना कहते हैं, हमारी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। हल्के से टहलना और तेज दौड़ने के बीच की गति से चलने को ब्रिक्स वॉक कहा जाता है। इस वॉक की गति की बात करें तो लगभग इस वॉक में आप 100 कदम प्रति मिनट के हिसाब से चलते हैं। ब्रिक्स वॉक की एक अनुमानित गति 3 से 3.5 मील प्रति घंटा के बीच होती है।

डायबिटीज में लाभ

आज डायबिटीज एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रहा है। जिसे आप ब्रिस्क वॉक करके आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। मोटापा डायबिटीज का पहला और अहम चरण है जिसे कंट्रोल करने से डायबिटीज पर रोक लगाई जा सकती है। ब्रिक्स वॉक के दौरान तेजी से चलना हमें कैलोरी बर्न करने में काफी मदद करता है। जिससे डायबिटीज का जोखिम भी कम होता है।

दुरुस्त होगी दिल की सेहत

दिल की सेहत का ध्यान रखने के लिए जरूरी है कि आप रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज को लाइफस्टाइल का हिस्सा जरूर बनाएं। यदि आप रोजाना 20 मिनट ब्रिक्स वॉक करते हैं तो आपके दिल की सेहत दुरुस्त बनी रहती है। ब्रिक्स वॉक के दौरान आपके दिल की धमनियों में फैलाव और संकुचन तेजी से होता है, जो दिल को हेल्दी बनाने के लिए जरूरी है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article