Weight Loss Mistakes Women Make In Hindi: क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही डाइट और एक्सरसाइज प्लान फॉलो करने के बाद भी पुरुषों का वजन जल्दी घटता है, लेकिन महिलाओं को महीनों की मेहनत के बाद भी फर्क नजर नहीं आता? असल में महिलाओं के शरीर में कई ऐसे नेचुरल फैक्टर होते हैं जो वेट लॉस की स्पीड को स्लो कर देते हैं। ऊपर से, कुछ आम गलतियां उन्हें और पीछे धकेल देती हैं। अगर आप भी वजन घटाने की कोशिश में लगी हैं और रिजल्ट नहीं मिल रहा, तो जरा रुकिए, शायद आप भी वही चूक कर रही हैं जो ज्यादातर महिलाएं करती हैं। चलिए इनके बारे में जानते हैं....
वेट लॉस के लिए महिलाएं करती हैं ये गलती - Weight Loss Mistakes Women Make In Hindi
हार्मोनल बदलाव को नजरअंदाज करना
महिलाओं के शरीर में हर महीने, हर उम्र में हार्मोन चेंज होते रहते हैं चाहे पीरियड्स हों, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज। ये बदलाव मेटाबॉलिज्म को स्लो कर देते हैं। ऐसे में अगर आप बाकी सब सही कर रही हैं लेकिन हार्मोनल इम्बैलेंस पर ध्यान नहीं दे रही हैं, तो वेट लॉस की स्पीड काफी धीमी हो सकती है।
सिर्फ डाइटिंग पर फोकस
अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि कम खाएंगी तो जल्दी वजन घटेगा। लेकिन हकीकत ये है कि सिर्फ कम खाना काफी नहीं होता। खाने में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और बाकी जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने से शरीर कमजोर हो सकता है और मेटाबॉलिज्म और धीमा पड़ जाता है। डाइट संतुलित होना चाहिए, न कि सिर्फ कम।
ना के बराबर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
आप घंटों वॉक या जुम्बा कर रही हैं, लेकिन अगर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग नहीं कर रही हैं तो फैट तो कम होगा, लेकिन बॉडी टोन नहीं होगी। मसल्स बनाना जरूरी है, क्योंकि वही कैलोरी ज्यादा जलाते हैं। वजन घटाने का मतलब सिर्फ स्केल पर नंबर कम करना नहीं, फिट बॉडी भी पाना है।
नींद और स्ट्रेस की अनदेखी
नींद पूरी ना होना और हर वक्त टेंशन में रहना भी वजन घटाने में बड़ी रुकावट है। स्ट्रेस से ‘कॉर्टिसोल’ नाम का हार्मोन बढ़ता है, जो फैट स्टोर करता है। साथ ही नींद की कमी से क्रेविंग्स बढ़ती हैं और बार-बार भूख लगती है। इसलिए नींद और दिमाग की शांति पर भी उतना ही ध्यान दें।
जल्दी रिजल्ट की उम्मीद
महिलाएं अक्सर जल्दी रिज़ल्ट चाहती हैं और इस चक्कर में एक्सट्रीम डाइटिंग या बहुत कम खाने लगती हैं। इससे शरीर का सिस्टम गड़बड़ा जाता है और वेट लॉस रुक जाता है। याद रखें, वजन धीरे-धीरे और बैलेंस तरीके से ही घटेगा।
एक्टिव लाइफस्टाइल की कमी
केवल 1-2 घंटे वर्कआउट करने से काम नहीं चलेगा अगर बाकी दिन आप बैठी रहती हैं। बच्चों, घर और ऑफिस के कामों में उलझ कर महिलाएं खुद के लिए वक्त नहीं निकाल पातीं। कोशिश करें कि दिन भर में थोड़ी-थोड़ी देर में एक्टिव रहें जैसे सीढ़ियां चढ़ना, थोड़ी देर टहलना, या घर के कामों को भी फिजिकल एक्टिविटी की तरह लेना।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
