विटामिन डी FAQs
Vitamin D Deficiency In Winter Common FAQs: सर्दियां आते ही हमारी दिनचर्या पूरी तरह बदल जाती है। सुबह के समय धूप देर से निकलती है, दिन छोटे हो जाते हैं और कपड़ों की परतें इतनी बढ़ जाती हैं कि शरीर तक सूरज की किरणें ठीक से पहुंच ही नहीं पातीं। ऐसे में विटामिन D की कमी होना बहुत आम बात है। थकान, हड्डियों में दर्द और बार-बार बीमार पड़ना - ये सब इसी कमी के संकेत हो सकते हैं। लोग सर्दियों में विटामिन D को लेकर ढेरों सवाल पूछते हैं। आज इस आर्टिकल में हम उन्हीं सभी क्वेरीज के आसान, भरोसेमंद और साइंटिफिक जवाब समझेंगे।
सर्दियों में सूरज की रोशनी कमजोर हो जाती है और UVB किरणें धरती तक कम पहुंचती हैं। इसी UVB से शरीर विटामिन D बनाता है। ऊपर से लोग ठंड में बाहर कम निकलते हैं, धूप से बचते हैं और पूरा शरीर कपड़ों से ढका होता है। इसलिए सर्दियों में विटामिन D की कमी बढ़ जाती है। यह बात मेडिकल रिसर्च भी बताती है।
ज्यादातर हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सर्दियों में कम से कम 15-30 मिनट धूप में बैठना जरूरी है। डार्क स्किन वाले लोगों को थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है क्योंकि उनकी स्किन UVB को धीरे एब्जॉर्ब करती है।
जी हां, ऐसा इसलिए क्योंकि सनस्क्रीन UVB किरणों को ब्लॉक करता है। UVB ही विटामिन D बनाने में योगदान देती हैं। इसलिए अगर विटामिन D लेना है, तो रोज 15-20 मिनट बिना सनस्क्रीन धूप में बैठना फायदेमंद होता है। इसके बाद सनस्क्रीन लगाया जा सकता है।
शरीर में विटामिन का लेवल बढ़ाने में सिर्फ धूप नहीं, खान-पान भी बहुत मदद करता है। ऐसे में इन चीजों को जरूर शामिल करें,
ये फूड्स वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विटामिन D के अच्छे फूड सोर्स माने जाते हैं।
हां, खासकर फोर्टिफाइड दूध विटामिन D का बेहतरीन स्रोत है। देसी घी में भी विटामिन D पाया जाता है, जो शरीर में अवशोषण में मदद करता है। रोज थोड़ा-सा घी और 1 गिलास दूध काफी फायदेमंद है।
अगर आप शाकाहारी हैं तो परेशान होने वाली बात नहीं है। आप भी कुछ सिंपल टिप्स को फॉलो करके आसानी से विटामिन D बढ़ा सकते हैं,
धूप से विटामिन D बनाने के लिए UVB किरणें सबसे जरूरी हैं। ये किरणें सुबह 10 बजे से 2 बजे के बीच सबसे अधिक एक्टिव होती हैं। यह वैज्ञानिक तौर पर साबित है कि UVB के बिना शरीर विटामिन D नहीं बना सकता।
आपके शरीर को पर्याप्त विटामिन डी मिल सके इसके लिए बहुत जरूरी है कि आप सही समय पर धूप लें। धूप में बैठने का बेस्ट टाइम है,
ध्यान रखें कि ऐसे में शरीर के कुछ हिस्से खुले होने चाहिए जैसे चेहरा, हाथ और पैर। यह जानकारी कई डर्मेटोलॉजिकल रिसर्च में भी दी गई है।
हां, बच्चे ठंड में बाहर कम खेलते हैं और इससे उन्हें धूप कम मिलती है। यही कारण है कि रिसर्च के अनुसार सर्दियों में बच्चों में विटामिन D की कमी आम है। इससे उनकी हड्डियों और ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
बुजुर्गों में विटामिन D का कम होना ज्यादा नुकसानदायक है, क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य कई तरह से प्रभावित करता है जैसे,
डॉक्टर्स बुजुर्गों में विटामिन D का खास ध्यान रखने की सलाह देते हैं।
बिल्कुल, विटामिन D ही शरीर को कैल्शियम को सही से अवशोषित करने में मदद करता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं, उनमें दर्द होता है और ओस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।
विटामिन D इम्युन सिस्टम को एक्टिव रखता है। इसकी कमी से शरीर की इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। यही वजह है कि लोग सर्दियों में ज्यादा बीमार पड़ते हैं।
हां, कई शोध बताते हैं कि कम विटामिन D वाले लोग वायरल बीमारियों और सर्दी-जुकाम से जल्दी संक्रमित होते हैं, क्योंकि उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है।
अगर आपको लगातार कुछ सामान्य लक्षण नोटिस होते हैं, तो ऐसे में एक्सपर्ट की सलाह से विटामिन की कमी का पता लगाने के लिए टेस्ट करा सकते हैं जैसे,
जैसी समस्याएं हों, तो विटामिन D टेस्ट करवाना समझदारी है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट भी दे सकते हैं।
ये भी ध्यान रहे कि ज्यादा विटामिन D लेना भी नुकसानदायक हो सकता है। इसकी ओवरडोज से,
गर्भवती महिलाओं के लिए लगभग 600–800 IU/day विटामिन D की जरूरत मानी जाती है। लेकिन सही मात्रा डॉक्टर जांच के बाद तय करते हैं। धूप, फोर्टिफाइड दूध और हेल्दी खान-पान बहुत मददगार होता है।