Vata Dosha Imbalance: क्या आपके बाल पहले से ज्यादा झड़ने लगे हैं, त्वचा रूखी रहने लगी है, पेट ठीक से साफ नहीं होता या बिना किसी वजह के वजन कम हो रहा है? अगर ऐसा हो रहा है, तो आयुर्वेद के अनुसार इसकी एक वजह वात दोष का बिगड़ना भी हो सकती है। आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. चंचल शर्मा (डायरेक्टर एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, आशा आयुर्वेद) बताती हैं कि शरीर में वात का संतुलन बिगड़ने (vata imbalance) पर कई छोटी-बड़ी परेशानियां शुरू हो सकती हैं। इसलिए सिर्फ दवा लेने के बजाय इसकी असली वजह को समझना भी जरूरी है। आइए जानते हैं कि वात दोष बढ़ने पर शरीर क्या संकेत देता है और इसे कैसे संतुलित रखा जा सकता है।
क्या होता है वात दोष
आयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर तीन दोषों - वात, पित्त और कफसे मिलकर बना है। इनमें वात सबसे अहम माना जाता है, क्योंकि यह शरीर की कई जरूरी गतिविधियों को संभालता है। जब यह बिगड़ जाता है, तो पाचन, त्वचा, बाल और महिलाओं की मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, महिलाओं में गर्भधारण से जुड़ी कुछ परेशानियों का संबंध भी वात के असंतुलन से हो सकता है।
कैसे पहचानें कि वात बढ़ गया है
अगर शरीर में वात बढ़ जाए तो सबसे पहले रूखापन दिखाई देता है। त्वचा सूखी हो सकती है, बाल झड़ सकते हैं और सिर में खुजली या रूसी की परेशानी हो सकती है। कई लोगों को कब्ज रहती है, कभी बहुत भूख लगती है तो कभी बिल्कुल नहीं लगती। बिना कोशिश के वजन कम होना भी इसका एक संकेत हो सकता है। अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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वात को संतुलित रखने के आसान तरीके
डॉ. चंचल शर्मा के मुताबिक, रोज तिल के तेल से हल्की मालिश करना वात को शांत करने में मदद कर सकता है। खाने में ताजा, गर्म और घर का बना भोजन लें। लौकी, कद्दू, पालक जैसी पकी हुई सब्जियां और सीमित मात्रा में देसी घी भी फायदेमंद माना जाता है। बासी, ठंडा और बहुत सूखा खाना खाने से बचें। किसी भी आयुर्वेदिक दवा जैसे अश्वगंधा, दशमूल या त्रिफला का सेवन बिना वैद्य की सलाह के नहीं करना चाहिए।
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ये गलतियां करने से बचें
देर रात तक जागना, जरूरत से ज्यादा व्यायाम करना और ठंडी चीजें ज्यादा खाना वात को और बढ़ा सकता है। इसलिए समय पर सोने की आदत डालें, अपनी क्षमता के अनुसार ही व्यायाम करें और रोजमर्रा की दिनचर्या को संतुलित रखें। वज्रासन, भुजंगासन, मकरासन, अनुलोम-विलोम और नाड़ी शोधन जैसे योग भी शरीर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं।
डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि अच्छी सेहत के लिए सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि सही खानपान, अच्छी नींद, नियमित योग और खुश रहने की आदत भी उतनी ही जरूरी है।
