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बच्चों के ‘हेल्दी फूड’ का सच, लेबल पढ़कर भी क्यों गुमराह हो जाते हैं पेरेंट्स, लिखी हुई बातों की सच्चाई जानिए

  • Authored by: Vineet
  • Updated Jan 24, 2026, 04:30 PM IST

Truth About Childrens Healthy Food Labels: बच्चों के फूड पैकेट पर लिखे ‘हेल्दी’ और ‘न्यूट्रिशस’ दावे कितने सही हैं? आमतौर पर पेरेंट्स के साथ यह देखने को मिलता है कि वे पैकेट के लेबल पर लिखी आधी-अधूरी जानकारी से गुमराह हो जाते हैं। रिपोर्ट बताती है कि कैसे शुगर, प्रोसेस्ड इंग्रीडिएंट्स और स्मार्ट मार्केटिंग पेरेंट्स को गुमराह कर देती है। जानिए बच्चों के हेल्दी फूड लेबल की पूरी सच्चाई और सही चुनाव करने के आसान तरीके।

लेबल पढ़कर भी क्यों गुमराह हो जाते हैं पेरेंट्स

लेबल पढ़कर भी क्यों गुमराह हो जाते हैं पेरेंट्स

Truth About Childrens Healthy Food Labels: आजकल के माता-पिता अपने बच्चों के लिए हेल्दी फूड का चयन करने में बहुत ध्यान देते हैं। सुपरमार्केट में बच्चों के खाने के लिए आकर्षक पैकेजिंग और वादे भरे लेबल होते हैं, जैसे 'पोषक', 'इम्युनिटी बढ़ाने वाला', और 'कोई अतिरिक्त चीनी नहीं'। लेकिन क्या ये वादे सच में सही हैं? क्या इन लेबल पर दी गई जानकारी हमेशा सही होती है? अक्सर माता-पिता इन लेबल पर विश्वास करते हैं, लेकिन असलियत कुछ और ही होती है। इस लेख में हम जानेंगे कि बच्चों के लिए हेल्दी फूड के लेबल कितने भरोसेमंद हैं और किस तरह से ये माता-पिता को गुमराह कर सकते हैं।

हेल्दी का मतलब क्या है?

हेल्दी का कोई ठोस और सार्वभौमिक परिभाषा नहीं है। भारत में, कंपनियों को हेल्दी के नाम पर बड़े वादे करने की अनुमति है, भले ही उत्पाद में चीनी, सोडियम या प्रोसेस्ड सामग्री की मात्रा अधिक हो। इसका मतलब यह है कि माता-पिता अक्सर उत्पाद के पीछे की सच्चाई को नहीं जान पाते।

लेबल का जाल

एक अध्ययन में पाया गया कि 60% से अधिक पैकेज्ड फूड में अतिरिक्त चीनी होती है, जो दैनिक अनुशंसित सीमा से अधिक होती है। ये उत्पाद अक्सर "ऊर्जा फूड" या "विकास को समर्थन" देने वाले लेबल के साथ आते हैं। ऐसे में माता-पिता बड़ी-बड़ी बातें पढ़कर विश्वास करते हैं, लेकिन जब वे सामग्री की सूची देखते हैं, तो वास्तविकता कुछ और ही होती है।

पिछले विवाद और चेतावनियां

पिछले कुछ वर्षों में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बच्चों के लिए हेल्दी फूड के दावे झूठे साबित हुए हैं। जैसे कि 2018 में एक अध्ययन में कई स्वास्थ्य पेय पदार्थों की उच्च चीनी सामग्री पर सवाल उठाया गया था। ऐसे मामलों ने माता-पिता के बीच भरोसे की कमी को बढ़ा दिया है।

लेबल पढ़ने में सावधानी

पोषण लेबल पढ़ना कभी-कभी जटिल होता है। इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे केवल बड़े वादों पर भरोसा न करें, बल्कि सामग्री की सूची को ध्यान से पढ़ें। शक्कर के विभिन्न नामों से सावधान रहें और विभिन्न ब्रांडों की पोषण संबंधी जानकारी की तुलना करें।

सच्चाई की ओर बढ़ते कदम

कुछ कंपनियाँ अब सच्चाई को उजागर करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। जैसे कि "लिटिल जॉयज़" ने अपने उत्पादों के लिए बैच-वार रिपोर्ट उपलब्ध कराने की पहल की है। इससे माता-पिता को यह जानने का मौका मिलता है कि उनके बच्चे के लिए जो फूड वे खरीद रहे हैं, वह वास्तव में स्वस्थ है या नहीं।

बच्चों के लिए हेल्दी फूड का चयन करते समय माता-पिता को सचेत रहना चाहिए। केवल लेबल पर लिखी बातें पढ़ने के बजाय, सामग्री की सूची और पोषण मान को समझना जरूरी है। क्योंकि बच्चों के स्वास्थ्य की बात है, और यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि वे सही और पोषण से भरपूर भोजन करें।

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विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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