दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर खतरनाक हो चुकी है। इंडिया गेट, आनंद विहार और आया नगर जैसे इलाकों में AQI 300 के पार पहुंच चुका है। लोग सुबह की वॉक छोड़ रहे हैं, सांस फूलना, खांसी और सिरदर्द जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं।लेकिन हैरानी की बात ये है कि यह प्रदूषण सिर्फ आपके फेफड़ों पर नहीं, सीधे हड्डियों और जोड़ों पर भी हमला कर रहा है। Max Hospital, पटपड़गंज के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दीपक अरोड़ा कहते हैं कि खराब हवा शरीर के अंदर सूजन बढ़ाती है, जिससे हड्डियाँ धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।
हड्डियों पर प्रदूषण का असर कैसे पड़ता है?
हवा में मौजूद जहरीले कण PM2.5 और PM10 फेफड़ों तक सीमित नहीं रहते। ये खून में घुलकर पूरे शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिसका असर हड्डियों और जोड़ों पर साफ दिखता है:
जोड़ों में दर्द
मांसपेशियों में जकड़न
हड्डियों का कमजोर होना
आर्थराइटिस के लक्षण बढ़ना
लंबे समय तक जहरीली हवा में रहने से हड्डियों की डेंसिटी कम होने लगती है, जिससे हड्डियाँ जल्दी टूटने या फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है।
Vitamin D की भारी कमी प्रदूषण ने धूप भी छीन ली
प्रदूषण और स्मॉग के डर से लोग घरों में बंद हो रहे हैं। बाहर धूप न मिलने से Vitamin D की कमी तेजी से बढ़ रही है, जो हड्डियों के लिए सबसे ज़रूरी पोषक तत्व है।
महिलाएं, बच्चे और युवा, सभी में इसका असर दिख रहा है। कम वॉक, कम मूवमेंट और ज्यादा दर्द। प्रदूषण की वजह से लोग टहलना बंद कर रहे हैं। लेकिन कम मूवमेंट से जोड़ों की जकड़न, दर्द और वजन तीनों बढ़ जाते हैं। घुटनों पर दबाव और भी बढ़ने लगता है।
क्या करें? घर बैठे भी हड्डियों को बचाया जा सकता है
1. घर पर ही एक्सरसाइज शुरू करें
योग
स्ट्रेचिंग
इंडोर वॉक
स्टेशनरी साइक्लिंग
ये सब जोड़ों को लचीला और मजबूत रखते हैं।
2. Vitamin D की कमी पूरी करें
डॉक्टर की सलाह से Vitamin D सप्लीमेंट
कैल्शियम से भरपूर खाना
मल्टीविटामिन
3. वजन कंट्रोल में रखें
ज्यादा वजन का सीधा असर घुटनों और कमर पर पड़ता है।
4. पौष्टिक खाना जरूर खाएं
दूध, दही, पनीर
अंडे
बादाम, अखरोट
हरी सब्जियां
बाजरा, रागी
