Heart Attack Prediction Device: भारत में हार्ट अटैक से होने वाली मौत का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, ना जाने कितने युवा, बच्चे व बड़े बुजुर्ग हार्ट अटैक से अपनी जान गंवा रहे हैं। हार्ट अटैक किसी भी उम्र में व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organitation) की एक रिपोर्ट पर नजर डालें तो ह्रदय रोग (Heart Disease) विश्व स्तर पर मौत का बड़ा कारण बनता जा रहा है। करीब 5 में से चार लोग दिल का दौरा पड़ने से अपनी जान गंवा रहे हैं। कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रति मिनट 30 से 50 वर्ष की उम्र के 4 लोग हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। वहीं हार्ट अटैक से जान गंवाने वाले 25 प्रतिशत लोगों की उम्र 35 साल से (Troponin Test Negative Means) कम है। एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि 18 से 20 साल के युवा भी तेजी से इसके चपेट में आ रहे हैं। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो देश की एक बड़ी आबादी हार्ट अटैक का शिकार हो सकती है।
हाल ही में वैज्ञानिकों ने हार्ट अटैक के प्रति लोगों को आगाह करने के लिए एक ऐसी डिवाइस विकसित की है, जो हार्ट अटैक के इलाज में तेजी लाएगी। इस डिवाइस के जरिए चेकअप कर व्यक्ति को इसके प्रति पहले आगाह किया जा सकेगा। कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों का दावा है कि, ईसीजी रिपोर्ट के जरिए 50 प्रतिशत तक पहले हार्ट अटैक की भविष्यवाणी की जा सकती है, लेकिन इस डिवाइस से शत प्रतिशत हार्ट अटैक की सही जानकारी (Troponin I Test) मिल जाएगी।
इस डिवाइस के जरिए ह्रदय की कोशिकाओं में टोपोनिन प्रोटीन (Troponin I Normal Range) के मात्रा की जांच की जाती है। ट्रोपोनिन तीन प्रकार का टी, आई और सी होता है, जिसमें टी और आई दिल की मांसपेशियों को सिकोड़ने और रिलैक्स करने में अहम भूमिका निभाता है। इस लेख के माध्यम से आइए जानते हैं क्या है इस डिवाइस का नाम और कैसे करता है काम
5 मिनट में 90% सटीक जानकारी
इस डिवाइस को हार्ट अटैक ट्रैकिंग डिवाइस नाम दिया गया है। यूरोपियन जर्नल में पब्लिश शोधकर्ताओं की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस डिवाइस के जरिए 5 मिनट में हार्ट अटैक की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह ह्रदय की कोशिकाओं में टोपोनिन प्रोटीन की जांच करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो ह्रदय तक रक्त की सप्लाई करने वाली धमनियों में ब्लॉकेज होता है और ऑक्सीजन की मात्रा कम होना शुरू हो जाती है, तो टोपोनिन नामक कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं, इस दौरान ट्रोपोनिन प्रोटीन तेजी से बढ़ने लगता है। यह ह्रदय में टोपोनिन को कोशिकाओं की जांच करता है, जिससे हार्ट अटैक की संभावना की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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कैसे काम करता है ये डिवाइस
जिस प्रकार ब्लड प्रेशर की जांच की जाती है, ठीक उसी प्रकार इस डिवाइज के जरिए हार्ट अटैक की जांच की जाती है। हालांकि इसे हांथ की कलाई में पहना जाता है। कलाई में पहनते ही महज 5 मिनट भीतर रिपोर्ट आपके सक्रीन पर आ जाएगी, यह ट्रोपोनिन प्रोटीन के स्तर की जांच करता है। शोधकर्ताओं की मानें तो ट्रोपोनिन की मात्रा हार्ट अटैक की संभावना को निर्धारित करती है। ट्रोपोनिन की मात्रा में बढ़ोत्तरी हार्ट अटैक की संभावना को दर्शाता है।
इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत करवाएं चेकअप
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानें तो हार्ट अटैक की स्थिति में मरीजों में अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं। वहीं आए दिन कई मामले ऐसे सामने आते हैं, जिसमें मरीज बिना किसी लक्षण के इस भयावह स्थिति के चपेट में आ जाता है और उसे अपनी जान गंवानी पड़ती है। यहां आप हार्ट अटैक के लक्षणों पर नजर डाल सकते हैं। यदि यह लक्षण आपको नजर आते हैं, तो समय रहते तुरंत अपनी जांच करवाएं।

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सीने में बाईं या दाईं तरफ दर्द
- सीने में जकड़न
- सांस लेने में तकलीफ
- कंधे या गर्दन में जकड़न
- थकान
- ठंडा पसीना आना
यदि इनमें से कोई लक्षण आपको नजर आता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें व ट्रोपोनिन आई की जांच करवाएं। इसकी स्थिति में बदलाव हार्ट अटैक का संकेत देता है।
