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इम्यून सिस्टम बूस्ट करने से लेकर तनाव दूर करने तक, इंडियन विंटर चेरी इन समस्याओं से दिलाता है छुटकारा जान ले फायदे

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Jul 28, 2025, 10:12 AM IST

अश्वगंधा, जिसका लैटिन नाम विथानिया सोम्नीफेरा है, एक छोटी बारहमासी झाड़ी है, जिसमें सफेद फूल और नारंगी-लाल बेरी होती हैं। इसकी जड़ों से घोड़े जैसी गंध आने के कारण इसे अश्वगंधा नाम मिला। यह पौधा भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका में पाया जाता है।

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इम्यून सिस्टम बूस्टर है इंडियन विंटर चेरी (Photo:istock)

आयुर्वेद में अश्वगंधा को महत्वपूर्ण औषधि का दर्जा प्राप्त है। इसे ‘इंडियन विंटर चेरी’ के नाम से भी जाना जाता है, जो शरीर और मन के लिए वरदान है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, अश्वगंधा तनाव कम करने, एनर्जी बढ़ाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक है। आयुर्वेद में इसका उपयोग सदियों से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है।

आईएएनएस की खबर के मुताबिक अश्वगंधा, जिसका लैटिन नाम विथानिया सोम्नीफेरा है, एक छोटी बारहमासी झाड़ी है, जिसमें सफेद फूल और नारंगी-लाल बेरी होती हैं। इसकी जड़ों से घोड़े जैसी गंध आने के कारण इसे अश्वगंधा नाम मिला। यह पौधा भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका में पाया जाता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, “अश्वगंधा एक औषधीय पौधा है। स्वास्थ्य लाभों के लिए आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल सालों से किया जा रहा है। यह तनाव कम करने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है। अश्वगंधा को इंडियन विंटर चेरी के नाम से भी जाना जाता है; यह ऊर्जा को बढ़ाने के साथ तनाव को कम करने में सहायक है। अश्वगंधा चूर्ण शरीर और मन को अद्भुत लाभ पहुंचाती है। इसे सही तरीके से और नियमित सेवन से कई लाभ मिलते हैं।"

आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, अश्वगंधा का नियमित और सही तरीके से सेवन मानसिक शांति, शारीरिक बल और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का कहना है कि अश्वगंधा चूर्ण मधुमेह को नियंत्रित करने, गले की खराश दूर करने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में कारगर है। यह हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।

एक्सपर्ट बताते हैं कि दूध में अश्वगंधा चूर्ण मिलाकर पीने से इसके लाभ और बढ़ जाते हैं। स्वाद के लिए इसमें गुड़ या शहद मिलाया जा सकता है। बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम से राहत के लिए अश्वगंधा चूर्ण को चाय में उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसके लिए एक कप पानी में आधा चम्मच अश्वगंधा चूर्ण, अदरक और तुलसी डालकर 5 मिनट तक उबालें, फिर छानकर पिएं। इससे न केवल सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है, बल्कि तनाव भी कम होता है।

हालांकि, आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श के बिना अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि सही मात्रा और तरीके से इसका उपयोग अधिकतम लाभ देता है। बदलते मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने और तनाव से मुक्ति के लिए अश्वगंधा एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है।

Ritu raj
Ritu raj author

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां... और देखें

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