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नई पीढ़ी कैंसर के निशाने पर! वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट ने बताई आधुनिक जीवनशैली की डरावनी सच्चाई

New Cancer Report: दुनिया में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासतौर पर युवाओं में कैंसर के मामले बहुत ज्यादा सामने आ रहे हैं। कहीं नई जीवन शैली नई पीढ़ी को कैंसर का मरीज तो नहीं बना रही। इसको लेकर एक रिसर्च हुई है जिसके नतीजे आप आगे पढ़ सकते हैं।

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नई पीढ़ी में क्यों बढ़ रहे कैंसर के मामले (Pic: iStock)

New Cancer Report: एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट से यह चिंता सामने आई है कि क्या आज की आधुनिक और तेज़ रफ्तार जीवनशैली युवाओं में कैंसर के मामलों को बढ़ा रही है। खासकर 20 से 40 वर्ष की उम्र के बीच के लोगों में कुछ ऐसे प्रकार के कैंसर बढ़ रहे हैं, जो पहले आमतौर पर बुजुर्गों में देखे जाते थे। यह रिपोर्ट The Washington Post में पब्लिश हुई है और इसमें विशेषज्ञों की राय, वैज्ञानिक शोध और वास्तविक आँकड़ों के आधार पर गहराई से विश्लेषण किया गया है।

इस पोस्ट का शीर्षक है Toxins, tech and tumors: Is modern life fueling a rise in cancer among younger adults? यह रिपोर्ट अमेरिका में कैंसर विशेषज्ञों, वैज्ञानिक अध्ययनों और हेल्थ डेटा के विश्लेषण पर आधारित है। इसमें यह जानने की कोशिश की गई है कि आधुनिक जीवनशैली जिसमें प्रोसेस्ड फूड, पर्यावरणीय रसायन, स्क्रीन टाइम और नींद की अनियमितता शामिल हैं, युवाओं में कैंसर की बढ़ती घटनाओं के पीछे किस हद तक जिम्मेदार हो सकती है।

कैंसर अब बुजुर्गों तक सीमित नहीं, अब नई पीढ़ी में भी

रिपोर्ट में बताया गया है कि 1990 के दशक के बाद जन्मे लोगों में यानि मिलेनियल्स और Gen Z में ब्रेस्ट, कोलन, किडनी, लिवर और थायरॉइड कैंसर जैसी बीमारियाँ पहले की तुलना में अधिक देखी जा रही हैं। इसके पीछे केवल जेनेटिक कारण नहीं, बल्कि कई पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़ी वजहें भी मानी जा रही हैं।

कैंसर के प्रमुख कारण क्या हो सकते हैं?

1. प्रोसेस्ड और पैकेज्ड भोजन का अधिक सेवन

आजकल लोग व्यस्त जीवन के कारण रेडी‑टू‑ईट, प्रोसेस्ड और जंक फूड का ज़्यादा सेवन कर रहे हैं। इन खाद्य पदार्थों में रसायन, संरक्षक और कृत्रिम रंग होते हैं, जो शरीर में सूजन और कोशिका क्षति का कारण बन सकते हैं।

2. पर्यावरणीय विषैले पदार्थ (Toxins)

प्लास्टिक, कीटनाशक, सौंदर्य प्रसाधनों, सफाई उत्पादों और औद्योगिक कचरे में पाए जाने वाले रसायन हमारे हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकते हैं और कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

3. माइक्रोप्लास्टिक्स और हार्मोन व्यवधानक रसायन (Endocrine Disruptors)

हमारी हवा, पानी और खाने में घुल चुके सूक्ष्म प्लास्टिक कण (microplastics) धीरे-धीरे शरीर में जमा हो सकते हैं। कुछ रसायन शरीर के हार्मोन की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं, जो कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।

4. जीवनशैली से जुड़ी आदतें

अनियमित नींद, लगातार स्क्रीन के सामने रहना, तनाव, और शारीरिक सक्रियता की कमी ये सभी कारक शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक प्रणाली को कमजोर करते हैं।

5. गर्भावस्था के दौरान का प्रभाव

शोध यह भी दिखाते हैं कि कुछ मामलों में गर्भावस्था के दौरान माँ को रसायनों या दवाओं के संपर्क में आने से बच्चों में भविष्य में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

रिपोर्ट में शामिल वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव रातोंरात नहीं आया। ये कैंसर के मामले दशकों तक चले "क्रॉनिक एक्सपोजर" यानी लंबे समय तक विषैले तत्वों के संपर्क का परिणाम हो सकते हैं। हालांकि अभी कोई एक कारण स्पष्ट रूप से तय नहीं किया गया है, लेकिन यह तय है कि आधुनिक जीवनशैली अब केवल आरामदायक नहीं, बल्कि खतरनाक भी होती जा रही है।

इसके समाधान के बारे में बात करे तो विशेषज्ञों की राय में हमें अपनी जीवनशैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे:

  • अधिक प्राकृतिक और घर का बना भोजन खाएं।
  • प्लास्टिक और रासायनिक उत्पादों के प्रयोग को कम करें।
  • नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें।
  • स्क्रीन टाइम नियंत्रित करें और मानसिक तनाव घटाने के उपाय अपनाएं।
वाशिंगटन पोस्ट की यह रिपोर्ट एक चेतावनी है कि तकनीक, सुविधा और तेज़ रफ्तार जीवनशैली की कीमत हमें अपने स्वास्थ्य से चुकानी पड़ सकती है। अगर समय रहते चेतावनी नहीं ली गई, तो आने वाले सालों में युवाओं में कैंसर की यह प्रवृत्ति एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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