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ये फैशन रिस्की है! सिर्फ 2 घंटे High Heels पहनना बन सकता है मुसीबत, ऐसे बिगाड़ती हैं आपकी रीढ़, टखने और घुटनों की सेहत

Side Effects Of Wearing High Heels For Women: ऊंची-ऊंची हील्स पहनना भले ही आपको फैशनेबल लगता हो, या आप इसे पहनकर आपको अपनी हाइट ज्यादा महसूस होती है, लेकिन सिर्फ 2 घंटे पहनने से ही ये आपकी रीढ़, टखनों और घुटनों की सेहत बिगाड़ सकती हैं। फैशन का यह सिंबल सेहत के लिए लिहाज से काफी रिस्की साबित हो सकता है। जानिए क्या कहता है साइंस इन खूबसूरत मगर रिस्की हील्स के बारे में।

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हाई हील्स पहनने के नुकसान

Side Effects Of Wearing High Heels For Women: फैशन की दुनिया में हाई हील्स का क्रेज हमेशा से रहा है। चाहे पार्टी हो या ऑफिस, महिलाएं इन खूबसूरत हील्स में खुद को कॉन्फिडेंट और स्टाइलिश महसूस करती हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि सिर्फ 2 घंटे हाई हील्स पहनना भी आपकी सेहत के लिए खतरे की घंटी हो सकता है? ताजा रिसर्च के मुताबिक, हाई हील्स न सिर्फ आपके पैरों पर, बल्कि आपकी रीढ़, टखनों और घुटनों पर भी गहरा असर डालती हैं। देखने में ग्लैमरस ये हील्स अंदर ही अंदर कई हेल्थ प्रॉब्लम्स की जड़ बन सकती हैं। आइए जानते हैं कैसे।

हाई हील्स पहनने के नुकसान - Wearing High Heels Side Effects In Hindi

सिर्फ 2 घंटे में बढ़ जाता है मसल स्ट्रेस और दर्द का खतरा

रिसर्च में पाया गया है कि हाई हील्स पहनने के महज दो घंटे बाद ही पैरों और पिंडलियों की मसल्स में स्ट्रेस बढ़ने लगता है। लगातार प्रेशर की वजह से मसल्स टाइट हो जाती हैं, जिससे पैरों में दर्द, थकान और सूजन की शिकायत होने लगती है। लंबे समय तक ऐसा करने पर ये दर्द क्रॉनिक बन सकता है, यानी हमेशा बना रह सकता है।

रीढ़ की हड्डी की नेचुरल अलाइनमेंट बिगड़ जाती है

जब आप हाई हील्स पहनती हैं, तो आपके शरीर का बैलेंस आगे की तरफ झुक जाता है। इससे रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) की नैचुरल पोजिशन गड़बड़ा जाती है। इसकी नतीजा यह होता है कि आपको पीठ दर्द, स्लिप डिस्क या फिर लॉन्ग-टर्म बैक प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ता है। डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे वक्त तक हील्स पहनने से स्पाइनल कर्व पर दबाव पड़ता है, जिससे पोस्टर भी खराब हो जाता है।

टखनों और एंकल जॉइंट्स पर पड़ता है प्रेशर

हाई हील्स की सबसे बड़ी मार टखनों पर पड़ती है। जब पैर का पूरा वजन आगे की ओर आता है, तो एंकल जॉइंट्स पर अत्यधिक प्रेशर बढ़ जाता है। इससे टखनों में खिंचाव, स्प्रेन या कभी-कभी छोटे-छोटे फ्रैक्चर तक हो सकते हैं। बार-बार ऐसा होने पर चलने-फिरने में तकलीफ और दर्द सामान्य बात बन जाती है।

घुटनों की सेहत पर भी असर डालती हैं हाई हील्स

हील्स पहनने से शरीर का वेट नैचुरल तरीके से डिस्ट्रीब्यूट नहीं होता। इसका सीधा असर घुटनों पर पड़ता है। घुटनों के जोड़ों पर लगातार दबाव से कार्टिलेज कमजोर होने लगते हैं, जिससे आगे चलकर ओस्टियोआर्थराइटिस जैसी प्रॉब्लम का खतरा बढ़ जाता है। यानी खूबसूरत दिखने की चाह में आप अपने घुटनों की उम्र घटा सकती हैं।

पैरों के नाखून और उंगलियों में हो सकता है डैमेज

ऊंची हील्स में पैर आगे की तरफ स्लाइड करते हैं, जिससे नाखूनों और उंगलियों पर दबाव बढ़ता है। इससे ‘Ingrown Toenails’- जिसमें आपके नाखून अंदर की ओर बढ़ने लगते हैं, या ‘Hammer Toes’ - जिसमें पैर की उंगली बीच के जोड़ से असामान्य रूप से मुड़ जाती है और हथौड़े जैसी दिखती है, जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कई बार पैरों की नसें भी दब जाती हैं, जिससे झनझनाहट और सुन्नपन महसूस होता है।

फैशन अपनाना गलत नहीं, लेकिन अगर उसकी कीमत आपकी सेहत है, तो सावधान रहना जरूरी है। हाई हील्स कभी-कभार पहनना ठीक है, लेकिन रोजाना या लंबे वक्त तक इन्हें पहनने से बचें। आरामदायक फुटवियर चुनें, ताकि आपकी चाल में स्टाइल भी रहे और सेहत भी। आखिर सुंदर दिखना तब ही अच्छा लगता है, जब शरीर भी फिट और दर्द-मुक्त हो।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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