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वैज्ञानिकों ने पाया, कोविड-19 के साथ दिल के दौरे के मरीजों में ज्यादा थक्का जमता है

  • Edited by: Ritu raj
  • Updated May 22, 2023, 02:47 PM IST

एनएसीएमआई के पिछले शोध से पता चला है कि कोविड-19 और दिल का दौरा पड़ने वाले रोगियों में मृत्यु दर 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। प्रेयरी वैस्कुलर रिसर्च इंक के सह-निदेशक और कनाडा के सस्केचेवान विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर पायम देहघानी ने कहा, कोविड-19 थक्का बनाने वाली बीमारी है और अब हम कोरोनरी धमनियों में इसका प्रभाव देखते हैं।

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कोविड-19 के साथ दिल के दौरे के मरीजों में ज्यादा थक्का जमता है (Source:istock)

शोधकर्ताओं ने पाया है कि कोविड-19 से पीड़ित दिल की बीमारी के मरीज की धमनियों में काफी मात्रा में थक्के जम जाते हैं। द नॉर्थ अमेरिकन कोविड-19 के विश्लेषण के अनुसार, 30 प्रतिशत के करीब मरीजों में कई धमनियों में थक्के देखे गए, दिल के दौरे वाले पांच प्रतिशत से कम रोगियों में एक घटना देखी गई, जिन्हें कोविड-19 नहीं है। एसटी-एलिवेटेड मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन या एसटीईएमआई प्रकार का दिल का दौरा कोरोनरी धमनी में अचानक ब्लॉकेज के कारण होता है।

एनएसीएमआई के पिछले शोध से पता चला है कि कोविड-19 और दिल का दौरा पड़ने वाले रोगियों में मृत्यु दर 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। प्रेयरी वैस्कुलर रिसर्च इंक के सह-निदेशक और कनाडा के सस्केचेवान विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर पायम देहघानी ने कहा, कोविड-19 थक्का बनाने वाली बीमारी है और अब हम कोरोनरी धमनियों में इसका प्रभाव देखते हैं।

देहघानी ने कहा, ये नई खोज रक्त को पतला करने की रणनीति, शुरूआती हस्तक्षेप और फॉलोअप कार्रवाई की जरूरत की ओर इशारा करती है। अध्ययन के लिए, 17 जगहों (12 यूएस, 5 कनाडा) के 234 रोगियों के एंजियोग्राम का विश्लेषण किया गया।

शोधकर्ताओं ने नोट किया कि कोविड-19 के प्रभाव और दिल के दौरे से संबंधित टीकाकरण के साथ-साथ दीर्घकालिक परिणामों को बेहतर ढंग से समझने के लिए आगे की जांच की जरूरत है। निष्कर्ष सोसायटी फॉर कार्डियोवास्कुलर एंजियोग्राफी एंड इंटरवेंशन (एससीएआई) 2023 वैज्ञानिक सत्र में प्रस्तुत किए गए थे।

रितु राज
Ritu rajauthor

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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