Safety Tips For Lungs And Heart Patient On Diwali: दिवाली खुशियों का त्योहार है, लेकिन हर साल इसके बाद जो ‘धुएं की चादर’ छा जाती है, वो कई लोगों के लिए परेशानी बन जाती है। खासकर जिन लोगों को अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस या दिल से जुड़ी समस्या है, उनके लिए ये समय किसी चुनौती से कम नहीं होता। पटाखों का धुआं, बढ़ता स्मॉग और ठंडी हवा का मिश्रण सांस लेने में तकलीफ और थकान पैदा करता है। ऐसे में जरूरी है कि त्योहार की खुशियों के साथ-साथ अपनी सेहत का भी ख्याल रखा जाए। आइए जानते हैं कुछ आसान योगासन और घरेलू उपाय जो आपकी मदद कर सकते हैं।
फेफड़ों की सफाई के लिए करें ‘अनुलोम-विलोम’
दिवाली के दौरान घरों के बाहर की हवा में कार्बन और धूलकणों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे सांस की नलियां ब्लॉक हो सकती हैं। ऐसे में रोज सुबह या शाम 10 मिनट तक अनुलोम-विलोम करना बेहद फायदेमंद होता है। इससे फेफड़ों की ऑक्सीजन क्षमता बढ़ती है और शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। अगर आप सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं तो यह योगासन आपके लिए बेहद असरदार साबित हो सकता है।
दिल के मरीज रखें खास सावधानी
दिवाली के बाद हवा में पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 और PM 10) की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है, जो सीधे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर पर असर डालती है। कार्डियक पेशेंट्स को कोशिश करनी चाहिए कि सुबह-सुबह या देर रात घर से बाहर न निकलें। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो N95 मास्क पहनें। इसके साथ ही ज्यादा तला-भुना खाने से परहेज करें और अपने डॉक्टर की सलाह से दवाएं समय पर लें।
घर के अंदर बनाएं हेल्दी एनवायरमेंट
जब बाहर की हवा जहरीली हो तो घर के अंदर का माहौल साफ रखना बहुत जरूरी है। घर में अलोवेरा, पीस लिली या ट्यूलसी जैसे पौधे रखें जो नेचुरल एयर प्यूरिफायर की तरह काम करते हैं। साथ ही, कपूर या देसी घी का दिया जलाने से घर की हवा में बैक्टीरिया कम होते हैं। अगर मुमकिन हो तो एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल भी करें, ताकि त्योहार का मजा सेहत के साथ बना रहे।
भाप और घरेलू पानी से करें सांस की सफाई
दिवाली के बाद अगर गले में खराश, खांसी या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो रोजाना भाप लेना बहुत असरदार तरीका है। गर्म पानी में अजवाइन या कपूर डालकर भाप लेने से गले और फेफड़ों में जमा प्रदूषण के कण साफ होते हैं। साथ ही, तुलसी, अदरक और शहद वाला पानी पीना भी फेफड़ों को साफ करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है।
शरीर को डीटॉक्स के लिए ‘कपालभाति’ और हल्की वॉक
फेफड़ों और दिल दोनों के लिए कपालभाति एक बहुत असरदार प्राणायाम है। यह फेफड़ों में जमा कार्बन को बाहर निकालने में मदद करता है। दिवाली की रात अगर देर तक जगे हैं, तो अगली सुबह हल्की वॉक और कपालभाति जरूर करें। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और प्रदूषण का असर कम होता है। साथ ही, ज्यादा पानी पीना भी शरीर को अंदर से साफ करता है।
दिवाली का त्योहार खुशियां लेकर आता है, लेकिन इस दौरान प्रदूषण हमारी सेहत पर असर डाल सकता है। इसलिए पटाखे जलाने से बचें, ज्यादा तला-भुना खाने से परहेज करें और योगासन व घरेलू उपायों से खुद को फिट रखें। याद रखें, त्योहार की असली रोशनी तब ही है जब आप खुद स्वस्थ और खुश हों।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
