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Raw vs Roasted Nuts: मेवे खाने से पहले जान लें ये जरूरी बात, कच्चे या भुने नट्स चुनने में ना करें गलती

Raw vs Roasted Nuts: कच्चे और भुने हुए नट्स कौन से खाएं? क्या भूनने से नट्स की ताकत कम हो जाती है या ये बेहतर बन जाते हैं? इस आर्टिकल में डिटेल में इस सवाल का जवाब दिया गया है।

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मेवे खाने से पहले जान लें ये जरूरी बात (फोटो: AI)

Raw vs Roasted Nuts: नट्स यानी बादाम, अखरोट, काजू और मूंगफली जैसे मेवे हेल्दी स्नैक्स माने जाते हैं। इनमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। लेकिन जब बात आती है कच्चे और भुने हुए नट्स की, तो अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर कौन सा ज्यादा फायदेमंद है? कुछ लोग मानते हैं कि कच्चे नट्स ज्यादा अच्छे होते हैं क्योंकि इनमें पोषक तत्व प्राकृतिक रूप में बने रहते हैं। वहीं कई लोगों को भुने हुए नट्स का स्वाद और कुरकुरापन ज्यादा पसंद आता है। लेकिन क्या भूनने से नट्स की ताकत कम हो जाती है या ये और भी बेहतर बन जाते हैं? आइए जानते हैं।

कच्चे नट्स में ज्यादा पोषण?

कच्चे नट्स में उनके प्राकृतिक पोषक तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं। इनमें विटामिन ई और कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा अच्छी रहती है। हालांकि, जब इन्हें गर्म तापमान पर भूना जाता है तो कुछ गर्मी से प्रभावित होने वाले पोषक तत्वों की मात्रा थोड़ी कम हो सकती है। लेकिन ये कमी इतनी ज्यादा नहीं होती कि भुने हुए नट्स को खराब विकल्प मान लिया जाए।

क्या भूनने से नट्स की हेल्दी फैट कम हो जाती है?

नट्स में मौजूद हेल्दी फैट शरीर के लिए फायदेमंद होती है और दिल की सेहत को बेहतर रखने में मदद करती है। लेकिन ज्यादा तापमान पर भूनने से इन फैट्स में बदलाव आ सकता है और इनके पोषण में थोड़ी कमी हो सकती है। इसलिए अगर भुने हुए नट्स खा रहे हैं तो कोशिश करें कि वे ज्यादा तेल और तेज तापमान पर ना भूने गए हों।

एंटीऑक्सीडेंट्स पर क्या असर पड़ता है?

एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। भूनने से कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स कम हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में गर्म करने से दूसरे एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर के लिए ज्यादा आसानी से उपलब्ध भी हो जाते हैं। यानी भुने हुए नट्स हमेशा कम पौष्टिक हों, ऐसा नहीं है।

पाचन के लिए कौन बेहतर है?

कई लोगों को कच्चे नट्स पचाने में थोड़ी परेशानी होती है। इसकी वजह इनमें मौजूद फाइटिक एसिड हो सकता है, जो शरीर में आयरन और जिंक जैसे मिनरल्स के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। भूनने से फाइटिक एसिड की मात्रा कम हो सकती है, जिससे नट्स पचाने में आसान हो जाते हैं।

तो आखिर कौन से नट्स खाएं?

कच्चे और हल्के भुने हुए दोनों तरह के नट्स हेल्दी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। सबसे जरूरी बात है कि नट्स में ज्यादा नमक, चीनी या खराब तेल ना मिलाया गया हो। अगर आप ज्यादा से ज्यादा पोषण चाहते हैं तो कच्चे नट्स अच्छा विकल्प हैं। वहीं अगर आपको स्वाद, कुरकुरापन पसंद है या कच्चे नट्स पचाने में दिक्कत होती है तो बिना नमक और तेल वाले हल्के भुने नट्स भी अच्छे हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्मा author

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–... और देखें

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