आपने अक्सर सुना होगा कि कुत्ता या बंदर के काटने से किसी व्यक्ति को रेबीज हुआ और उसकी जान चली गई। लेकिन उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर से हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिसमें एक महिला की मौत रेबीज के संक्रमण के कारण हुई है। जिसमें हैरानी की बात ये है कि उस महिला को रेबीज का संक्रमण जानवर के काटने से नहीं बल्कि गाय का दूध पीने से हुआ था। जी हां इस तरह की ये अनोखी और परेशान करने वाली घटना है। आइए जानते हैं कैसे दूध से फैला संक्रमण करें बचाव?
दूध से कैसे फैला संक्रमण?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जिस गाय का दूध पीने से महिला की मौत हुई, उसे एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। जिसके कारण रेबीज का संक्रमण गाय के शरीर में चला गया। वहीं जानकारी के अभाव में महिला ने संक्रमित गाय का दूध बिना सावधानी के पी लिया। जिससे उसके शरीर में रेबीज का संक्रमण महिला के शरीर में चला गया। दूध पीने के कुछ ही दिनों के बाद महिला के शरीर में रेबीज के लक्षण दिखने लगे थे। हालांकि रेबीज के इस तरह के संक्रमण की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्या कहती है सरकार की रिपोर्ट?
नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की मानें तो, दूध पीने से रेबीज फैलने का अभी तक कोई प्रमाण नहीं है। वहीं सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि किसी भी हेल्थ रिपोर्ट में ये बात साबित नहीं हुई है कि संक्रमित जानवर का दूध पीने से आपको रेबीज का संक्रमण हो सकता है।
रेबीज संक्रमण के लक्षण
रेबीज का संक्रमण एक जानलेवा वायरस के वायरस द्वारा फैलता है। जो कुत्ते, बिल्ली, लोमड़ी जैसे अन्य जानवरों में पाया जाता है। ये वायरस इन जानवरों के काटने या खरोंचने से फैलता है। रेबीज का संक्रमण हमारे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे ये लक्षण हो सकते हैं।
- तेज बुखार के साथ सिर में तेज दर्द।
- गले में दर्द और जलन महसूस होना।
- पानी से डर (हाइड्रोफोबिया) लगना।
- भ्रम होना और व्यवहार आक्रामक होना।
- दौरे पड़ना और लकवा जैसी कंडीशन होना।
रेबीज से कैसे करें बचाव?
- कुत्ता, बंदर जैसे जानवर के काटे या खरोंचे जाने पर बिना देर किए एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाए।
- घर के पालतू जानवरों का रेबीज से बचाने के लिए नियमित तौर पर टीकाकरण कराएं।
- दूध का सेवन करने से पहले उसे अच्छे से उबाल लें और खुला दूध खरीदने से बचें।
- रेबीज से से जुड़ा कोई भी लक्षण दिखने पर बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
