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पोटैशियम का पावरहाउस हैं ये चीजें, खाते ही मिलती है चीते सी फुर्ती, डाइट में जरूर करें शामिल

पोटैशियम दिल के लिए एक रक्षक की तरह काम करता है। यह हृदय की मांसपेशियों को नियमित रूप से संकुचित करने में मदद करता है, जिससे धड़कन सामान्य बनी रहती है। इसकी कमी से दिल की धड़कन गड़बड़ा सकती है या हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।

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पोटैशियम का पावरहाउस हैं ये चीजें, डाइट में जरूर करें शामिल (Photo: iStock)

पोटैशियम ऐसा मिनरल है, जिसे सही मायनों में शरीर का 'साइलेंट हीरो' कहा जा सकता है। आयुर्वेद में इसे क्षार तत्व कहा गया है, जो वात और पित्त दोष को संतुलित करता है और शरीर की ऊर्जा धारा को संतुलन में रखता है। यह एक जरूरी इलेक्ट्रोलाइट खनिज है जो दिल की धड़कन, मांसपेशियों की हरकत, दिमाग के संकेत भेजने की प्रक्रिया और शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

पोटैशियम दिल के लिए एक रक्षक की तरह काम करता है। यह हृदय की मांसपेशियों को नियमित रूप से संकुचित करने में मदद करता है, जिससे धड़कन सामान्य बनी रहती है। इसकी कमी से दिल की धड़कन गड़बड़ा सकती है या हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।

इसके अलावा यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद करता है, क्योंकि यह सोडियम के प्रभाव को संतुलित करता है। इसलिए हाई ब्लड प्रेशर वालों के लिए मंत्र है- कम सोडियम और ज्यादा पोटैशियम।

पोटैशियम मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सही तालमेल में भी मदद करता है। थकान, कमजोरी, चिड़चिड़ापन या भ्रम जैसी समस्याएं कई बार इसकी कमी की वजह से होती हैं। इसके अलावा, यह किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करता है और शरीर से एसिडिक वेस्ट को बाहर निकालता है।

एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना लगभग 3500-4700 मिलीग्राम पोटेशियम की जरूरत होती है। बच्चों, किशोरों और गर्भवती महिलाओं में यह मात्रा थोड़ी अलग हो सकती है। पोटेशियम की कमी को हाइपोकैलिमिया कहते हैं, जिसमें मांसपेशियों में ऐंठन, थकावट, कब्ज, अनियमित धड़कन, सुस्ती या यहां तक कि सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है। लंबे समय तक इसकी कमी रहने पर हृदय, गुर्दे और नर्वस सिस्टम पर बुरा असर पड़ सकता है।

अच्छे प्राकृतिक स्रोतों की बात करें तो पोटैशियम आपको केला, संतरा, नारियल पानी, पालक, शकरकंद, मूंग दाल, दही, खजूर और किशमिश से भरपूर मात्रा में मिल सकता है।

हर केला लगभग 422 मिलीग्राम पोटैशियम देता है, यानी दो केले से आपकी दिनभर की जरूरत का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो जाता है।

इनपुट -आईएएनएस

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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