प्रसव के बाद मां के आहार में जरूर शामिल करनी चाहिए ये 7 चीजें, दूध बढ़ाने से लेकर ताकत देने तक कारगर
- Edited by: गुलशन कुमार
- Updated Jan 31, 2026, 06:00 AM IST
प्रसव के बाद मां के शरीर को विशेष पोषण की जरूरत होती है। इसलिए उसकी डाइट में कुछ जरूरी चीजें होनी चाहिए। जिससे दूध बढ़ाने और कमजोरी दूर करने में मदद मिले। आइए जानते हैं ऐसी कुछ चीजों के बारे में...
प्रसव के बाद मां का आहार
Diet after Delivery: कहा जाता है कि एक बच्चे को जन्म देना मां के लिए खुद दोबारा जन्म लेने जैसा होता है, क्योंकि प्रसव पीड़ा की वजह से मां के अंदर शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के बदलाव आते हैं। बच्चों के जन्म देने के बाद शिशु के सेहत के साथ-साथ मां के सेहत का भी ध्यान रखना उतना ही जरूरी है। कुछ माएं बच्चों का ध्यान रखने के चक्कर में खुद के स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं, जो कि गलत है। आज हम उन सात आहार की सूची लेकर आए हैं जिन्हें एक नई मां को अपने भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए। आइए जानते हैं विस्तार से...
सौंठ की गोली
सौंठ की गोली सूखे अदरक का चूर्ण, सेंधा नमक और नींबू के रस के मिश्रण से बनी होती है और सेवन में थोड़ी कसैली रहती है। इन गोलियों का सेवन खाने से कुछ घंटे पहले करना चाहिए। ये पेट की पाचन शक्ति को बढ़ाती हैं और खाने को पचाने में मदद करती हैं।
चावल की मांड
चावल की मांड में पिपली, घी और सौंठ को मिलाकर लें। ये पेट की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने का काम करती हैं। तीसरा है शतावरी। शतावरी महिलाओं के लिए वरदान है। डिलीवरी के बाद होने वाली कमजोरी और थकान को कम करने के लिए शतावरी बहुत जरूरी है। ये मां के अंदर प्राकृतिक रूप से दूध का उत्पादन भी बढ़ाती है और बच्चे को भी संक्रमण से बचाती है।
मेथी के लड्डू
प्रसव के बाद मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में मेथी के लड्डू हड्डियों को मजबूती देते हैं और वात दोष को संतुलित करने में भी मदद करते हैं। ये मां के अंदर प्राकृतिक रूप से दूध के उत्पादन को भी बढ़ाते हैं।
गोंद के लड्डू
प्रसव के बाद हर घर में महिलाओं के लिए गोंद के लड्डू जरूर बनते हैं। महिलाओं के लिए रोजाना दूध के साथ गोंद के लड्डू का सेवन कमजोरी को दूर करने में मदद करता है और रक्त की मात्रा को भी बढ़ाता है।
हलीम के बीजों की खीर
हलीम के बीज कई पौषक तत्वों से भरे होते हैं और अंदरूनी कमजोरी को दूर करने में सहायक हैं। इसे मखाने और सूखे मेवों के साथ बनाना चाहिए।
तिल
तिल की तासीर गर्म होती है और तिल का सेवन हड्डियों को मजबूती देता है और शरीर के दर्द में भी राहत देता है। इसके लिए तिल का सेवन चटनी के रूप में भी किया जा सकता है।
इनपुट - आईएएनएस