Kuttu Ka Atta Side Effects: हाल ही में दिल्ली के कई इलाकों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्हें कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने के बात फूड प्वाइजनिंग का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स की मानें तो दिल्ली में लगभग 150-200 लोग कुट्टू का आटा खाने की वजह से बीमार पड़े और स्थिति गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ, क्या वाकई कुट्टू का आटा सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है?
हम में से ज्यादातर लोग व्रत में कुट्टू के आटे का सेवन करते हैं। इसे व्रत के दौरान काफी स्वस्थ और अच्छा माना जाता है। यह आटा शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ ही भरपूर एनर्जी भी देता है। इसे सामान्य तौर पर भी सबसे अच्छे अनाजों में से एक माना जाता है। कुट्टू का आटा ग्लूटन फ्री होता है और डायबिटीज के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन यही कुट्टू का आटा सेहत के लिए खतरनाक भी बन जाता है। जानते हैं इसी बारे में विस्तार से।
कब जहरीला हो जाता है कुट्टू का आटा
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो दिल्ली में लोगों के बीमार होने के पीछे वजह कुट्टू का आटा नहीं, बल्कि मिलावटी आटा है। बता दें कि कुट्टू का आटा अपने आप में सेहत के लिए नुकसानदेह नहीं होता है। लेकिन नवरात्रि के दौरान बहुत से दुकानदार इसमें मिलावट करते हैं। मिलावटी, बहुत पुराना, खराब और दूषित होने पर कुट्टू का आटा जहरीला हो जाता है, जो आपको बीमार बना सकता है। लेकिन कुट्टू का आटा अगर ताजा होगा और ठीक से इसे स्टोर किया गया होगा - तो यह शरीर को लाभ ही देता है।
क्यों हर हर साल कुट्टू का आटा खाकर बीमार पड़ते हैं लोग
दरअसल, त्योहारों के दौरान लोगों कुट्टू के आटे की मांग बहुत बढ़ जाती है, जिसकी पूर्ति करने के लिए दुकानदार इसमें मिलावट शुरू कर देते हैं। यह आटा सादे आटे से महंगा आता है, और इसकी मांग एकदम से बढ़ती है। ऐसे में कई जगहों पर दुकानदार नए आटे में पुराना आटा मिक्स करके इसे नई पैकिंग के साथ बेचना शुरू कर देते हैं।
इसके अलावा, बहुत से दुकानदार तो लंबे समय से स्टोर किया कुट्टू का आटा बेचते हैं, जिसमें धूल-मिट्टी काफी हो जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली में लोगों के बीमार पड़ने के पीछे की वजह भी आटे में मिलावट और दूषित होना बताई जा रही है।
कब हो जाएं अलर्ट
अगर कुट्टू का आटा खाने के बाद किसी व्यक्ति को पेट में असहजता, त्वचा में एलर्जी और उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं नोटिस होती हैं, तो ऐसे में इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय रहते ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, जिससे की किसी भी तरह के गंभीर नुकसान से बचा जा सके। इस तरह की समस्याएं फूड प्वाइजनिंग का संकेत हो सकती हैं, जो नजरअंदाज किए जाने पर काफी खतरनाक हो सकती है, खासकर बच्चों के लिए तो यह जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे में आपको अलर्ट रहने की जरूरत है।
आपको क्या सावधानी बरतने की जरूरत है?
अगर आप नवरात्रि व्रत या त्योहारों के दौरान कुट्टू के आटे का सेवन करते हैं, तो ऐसे में आपको सेहतमंद रहने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की जरूरत है...
- कुट्टू का आटा खरीदते समय पैकेट, ब्रैंड आदि को चेक करें।
- आटा कितना पुराना है इसकी जांच करें, एक्सपायरी डेट भी चेक करके ही लें।
- सड़क किनारे बिकने वाला खुल्ला आटा न खरीदने से बचें, इसमें धूल-मिट्टी, मिलावट आदि होने के चांस ज्यादा होते हैं।
- अगर पकवान बनाने के बाद आटा बच जाता है, तो इसे फ्रिज में एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर करें।
- कमरे के तापमान पर बचे हुए आटे में खतरनाक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो बीमार बनाते हैं।
कैसे करें कुट्टू के आटे की शुद्धता चेक
कुट्टू का आटा शुद्ध है या नहीं इसका पता आप घर पर आसानी से लगा सकते हैं। सबसे पहली बात तो यह की असली कुट्टू का आटा भूरे रंग का होता है। जब आप आटा खरीदने जाएं तो रंग चेक करें, साथ ही सूंघकर भी आटे को जरूर चेक करें। मिलावटी और दूषित आटे से हमेशा दुर्गंध आती है। इसके अलावा, जब आप आटा गूंथ रहे हों तो ध्यान धें कि कहीं आटा बिखर तो नहीं रहा, या कुछ ज्यादा ही चिकना हो रहा है। क्योंकि ऐसा मिलावटी आटे के साथ ही देखने को मिलता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
