हार्ट अटैक का नाम सुनते ही लोगों की रूह कांपने लगती है। जिसका कारण इस बीमारी का घातक होना है। हार्ट अटैक आपको जान बचाने के लिए बहुत कम मौका देता है। हार्ट अटैक आने की संभावना ज्यादातर सुबह के समय होती है, क्योंकि रात भर आराम के बाद सुबह आपके शरीर में खून का प्रवाह तेज होता है। ऐसे में यदि आपके हार्ट में रुकावट होती है, तो आपको हार्ट अटैक होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब एक मात्र साधारण सी जांच के द्वारा आपको लगभग 6 माह पहले हार्ट अटैक के खतरे का पता चल जाएगा। आइए जानते हैं क्या है टेस्ट और कहां हुआ इसका शोध?
कहां हुई रिसर्च?
स्वीडन देश के उप्साला विश्वविद्यालय में हुए एक शोध में शोधकर्ताओं मे पाया कि खून में मौजूद एक खास तरह के प्रोटीन की मात्रा को नाप लिया जाए तो इससे हार्ट अटैक की संभावना का पता काफी पहले लगाया जा सकता है। इस टेस्ट से आप लगभग 6 माह पहले ही दिल के दौरे का पता लगा सकते हैं। दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
क्या है अध्ययन के आंकड़े
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने लगभग 1 लाख 70 हजार लोगों के ब्लड सैंपल्स का अध्ययन किया। जिसमें से लगभग 420 लोगों को अगले 6 माह के भीतर हार्ट अटैक की समस्या को झेलना पड़ा। वैज्ञानिकों ने इन लोगों के खून के नमूनों की तुलना हेल्दी लोगों के नमूनों से की। जिसमें उन्होंने पाया कि उन लोगों के खून में लगभग 90 ऐसे मॉलिक्यूल थे जो हार्ट अटैक का कारण हो सकते हैं।
कौन सा प्रोटीन है जिम्मेदार?
हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार प्रोटीन की बात करें तो इसमें ब्रेन नैट्रियूरेटिक पेप्टाइड की मात्रा को नापा जाता है। हमारे दिल पर दबाव बढ़ने से यह प्रोटीन रिलीज होता है जो हार्ट अटैक की वजह हो सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों का मत है कि इस दिशा में और स्पष्टता लाने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है।
