World Parkinson's Day Caregiver Tips in Hindi: हर साल 11 अप्रैल को विश्व पार्किंसंस दिवस (World Parkinson’s Day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को पार्किंसंस रोग के बारे में जागरूक करना है। यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर की मूवमेंट को प्रभावित करती है, जिससे हाथ कांपना, चलने में धीमापन और शरीर में जकड़न जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में मरीज के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। यशोदा हॉस्पिटल्स हैदराबाद में सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. कृष्ण मोहन शर्मा के अनुसार सही जानकारी और धैर्य के साथ की गई देखभाल मरीज की लाइफ को आसान बना सकती है। छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर केयरगिवर मरीज को ज्यादा सुरक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी महसूस करा सकते हैं।
पार्किंसंस के मरीज की देखभाल कैसे करें - Parkinsons Caregiver Tips
समय पर दवा देना बेहद जरूरी
डॉ. मोहन कृष्णा बताते हैं कि पार्किंसंस में दवाओं का समय बहुत अहम होता है। अगर दवा लेने में देरी हो जाए तो शरीर में अकड़न बढ़ सकती है, कंपकंपी ज्यादा महसूस हो सकती है और चलने-फिरने में दिक्कत बढ़ सकती है। इसलिए कोशिश करें कि रोज दवा एक ही समय पर दी जाए। मोबाइल अलार्म या रिमाइंडर का सहारा लिया जा सकता है, ताकि कोई डोज मिस न हो।
मूड, नींद और याददाश्त में बदलाव को नजरअंदाज न करें
पार्किंसंस केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि दिमाग और व्यवहार को भी प्रभावित कर सकता है। कई मरीजों में मूड बदलना, नींद ठीक से न आना, भूलने की आदत या कब्ज की समस्या देखने को मिलती है। कुछ लोगों को चक्कर भी आते हैं, ऐसे में शरीर में पानी की कमी न होने दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से दवा की जांच कराएं। ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव भी चक्कर की वजह हो सकता है।
घर को सुरक्षित बनाना भी देखभाल का हिस्सा
घर का वातावरण ऐसा होना चाहिए जहां मरीज आराम से चल-फिर सके। फर्श पर फैला सामान हटाकर रखें, बाथरूम में सपोर्ट रॉड लगवाएं और फिसलन से बचाने के लिए नॉन-स्लिप मैट का इस्तेमाल करें। घर में अच्छी रोशनी होना भी जरूरी है, खासकर रात के समय। कई मरीजों को रात में बार-बार वॉशरूम जाना पड़ता है, इसलिए बेड से वॉशरूम तक रास्ता साफ और सुरक्षित होना चाहिए।
रोजमर्रा के काम में सहयोग करें
कपड़े पहनना, खाना खाना या धीरे-धीरे चलना कई बार मरीज के लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे समय पर केयरगिवर को मदद जरूर करनी चाहिए, लेकिन जहां तक हो सके मरीज को खुद से काम करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे उनका आत्मविश्वास बना रहता है और वे खुद को दूसरों पर निर्भर महसूस नहीं करते।
सही डाइट और निगलने में दिक्कत का ध्यान रखें
डॉ. मोहन कृष्णा के अनुसार संतुलित आहार पार्किंसंस मरीजों के लिए बहुत जरूरी है। कुछ मरीजों को निगलने में परेशानी होती है, इसलिए उन्हें नरम या थोड़ा मैश किया हुआ खाना देना बेहतर होता है। इससे खाना गले में फंसने का खतरा कम रहता है और मरीज आराम से खाना खा पाता है।
डॉक्टर और थेरेपी से जुड़े रहना जरूरी
पार्किंसंस समय के साथ बदलने वाली बीमारी है, इसलिए डॉक्टर से नियमित संपर्क बनाए रखना जरूरी होता है। फिजियोथेरेपी और स्पीच थेरेपी से मरीज की मूवमेंट और बोलने की क्षमता बेहतर रखने में मदद मिलती है। अगर अचानक ज्यादा कंफ्यूजन, इंफेक्शन या दवा का साइड इफेक्ट नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। डॉ. मोहन कृष्णा कहते हैं कि केयरगिवर को भी अपनी सेहत और मानसिक तनाव का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि स्वस्थ केयरगिवर ही मरीज की बेहतर देखभाल कर सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
