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विटामिन-डी की ओवरडोज से सेहत को होते हैं ये भारी नुकसान, जानें क्यों करना चाहिए Vitamin D की गोलियों से परहेज

विटामिन-डी हमारी सेहत के लिए कितना जरूरी है ये आप सभी जानते हैं, लेकिन विटामिन-डी की पूर्ति हमें हमेशा नेचुरल सोर्स से ही करनी चाहिए। आज हम आपको विटामिन-डी के सप्लीमेंट के नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं विटामिन-डी के सप्लीमेंट के नुकसान के बारे में विस्तार से...

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side effects of vitamin d overdose

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विटामिन-डी हमारी हड्डियों को हेल्दी बनाने के लिए एक बहुत जरूर तत्व है। जिसकी पूर्ती हमें सूरज से भरपूर मात्रा में होती है। विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस की मात्रा को रेग्युलेट करने का काम करता है। यही कारण है कि इसकी कमी से हमारी हड्डियां काफी कमजोर होने लगती हैं। विटामिन-डी को प्राप्त करने के कई तरह के नेचुरल सोर्स हो सकते हैं, लेकिन सूरज की धूप विटामिन-डी का एक सबसे बड़ा सोर्स है। हालांकि विटामिन-डी की कमी होने पर लोग इसके सप्लीमेंट खाने लग जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह सेहत के लिए खतरनाक होते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

उल्टी और मुंह सूखना

विटामिन-डी की सीमित मात्रा हमारे लिए किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाती है। लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा होने से इसके साइड इफेक्ट्स भी झेलने पड़ते हैं। विटामिन-डी की ओवरडोज के कारण आपको उल्टी, मुंह सूखना, जी मिचलाना और कमजोरी महसूस होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

फेफड़ों को नुकसान

विटामिन-डी की मात्रा अधिक हो जाने से आपके शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस की मात्रा भी बढ़ने लगती है। जिससे फेफड़ों में क्रिस्टल बनने लग जाते हैं। इससे हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है।

किडनी की समस्या

विटामिन-डी की ज्यादा मात्रा से शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस बढ़ने लगता है, जिससे हमारी किडनी पर सीधा असर पड़ता है। जिसके कारण आपको किडनी स्टोन की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

हाइपरकैल्सीमिया

विटामिन-डी की मात्रा ज्यादा लेने से हमारे शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ने लगता है। जब ब्लड में कैल्शियम का स्तर खतरनाक लेवल पर पहुंच जाता है, तो इस स्थिति को हाइपरकैल्सीमिया कहते हैं। ये इसका सबसे खतरनाक साइड इफेक्ट है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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