National Triglycerides Day: राष्ट्रीय ट्राइग्लिसराइड्स दिवस के मौके पर एक चौंकाने वाली सच्चाई हम आपके सामने लेकर आ रहे हैं। अब ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने की समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि 20–30 साल के युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। बदलती लाइफस्टाइल, खानपान और बढ़ता स्ट्रेस इसका मुख्य कारण बन रहे हैं। यदि आप लेख में आगे बताई गई लाइफस्टाइल को फॉलो करते हैं, तो आपको भी अपना Triglycerides Level चेक करा लेना चाहिए। आइए जानते हैं कम उम्र क्यों बढ़ रहा ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल।
क्या होते हैं ट्राइग्लिसराइड्स?
ट्राइग्लिसराइड्स हमारे खून में मौजूद एक प्रकार का फैट (वसा) होता है। जब हम जरूरत से ज्यादा कैलोरी एक साथ लेते हैं, तो शरीर उसे ट्राइग्लिसराइड्स के रूप में स्टोर कर लेता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो ज्यादा मात्रा में यह फैट जमा होना दिल की बीमारियों और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा है ट्राइग्लिसराइड्स का खतरा?
जंक फूड का बढ़ता चलन
पिज्जा, बर्गर और तली-भुनी चीजों में ट्रांस फैट और ज्यादा कैलोरी होती है, जो शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स तेजी से बढ़ाती हैं। जंक फूड्स के नियमित सेवन से मोटापा और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ता है।
लंबे समय तक बैठना
ऑफिस जॉब और वर्क फ्रॉम होम के कारण घंटों एक ही जगह बैठने से शरीर की कैलोरी बर्न नहीं होती। इससे फैट जमा होने लगता है और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है।
स्क्रीन टाइम
मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल न सिर्फ फिजिकल एक्टिविटी कम करता है, बल्कि देर रात तक जागने की आदत भी बढ़ाता है। इसका सीधा असर वजन और फैट लेवल पर पड़ता है।
मेंटल स्ट्रेस
करियर और लाइफस्टाइल का दबाव शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे ट्राइग्लिसराइड्स और ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकते हैं। लंबे समय तक तनाव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
कम नींद
अनियमित और कम नींद लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। इससे भूख बढ़ाने वाले हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं और फैट तेजी से जमा होने लगता है।
ट्राइग्लिसराइड्स लेवल कैसे करें कंट्रोल?
हेल्दी डाइट अपनाएं
फाइबर से भरपूर फल, हरी सब्जियां और होल ग्रेन्स ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करते हैं। ये शरीर में जमा अतिरिक्त फैट को घटाकर मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाते हैं।
रोजाना एक्सरसाइज
कम से कम 30 मिनट की वॉक, जॉगिंग या हल्की एक्सरसाइज शरीर में जमा फैट को बर्न करती है। नियमित शारीरिक गतिविधि ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को नियंत्रित रखने में बेहद असरदार है।
शुगर और जंक फूड कम करें
मीठी चीजें, कोल्ड ड्रिंक और जंक फूड ट्राइग्लिसराइड्स तेजी से बढ़ाते हैं। इनका सेवन कम करने से शरीर में फैट जमा होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
स्ट्रेस मैनेजमेंट
योग, मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग जैसी तकनीकें तनाव को कम करती हैं। इससे हार्मोन बैलेंस रहता है और ट्राइग्लिसराइड्स लेवल कंट्रोल में रहता है।
पूरी नींद लें
रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखती है। पर्याप्त नींद लेने से फैट जमा होने की संभावना कम हो जाती है।
