फिट रहने के लिए नैचुरोपैथ के ये नियम
Naturopathy Health Tips In hindi: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर की एनर्जी और फिटनेस पहले जैसी नहीं रहती। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि 40, 50 या 60 की उम्र में भी आप उतने ही चुस्त-दुरुस्त रहें जितने आज हैं, तो नैचुरोपैथी की कुछ बेसिक आदतें आपकी जिंदगी बदल सकती हैं। राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस (National Naturopathy Day) के मौके पर जानिए वे आसान और असरदार नियम, जिन्हें फॉलो करके आप बिना किसी बड़े खर्च के, सिर्फ लाइफस्टाइल में हल्का-सा बदलाव लाकर हर उम्र में फिट, हेल्दी और एक्टिव रह सकते हैं।
नैचुरोपैथी मानती है कि हमारा शरीर खुद को ठीक करने की क्षमता रखता है, बस उसे सही शुरुआत की जरूरत होती है। सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीने से शरीर डिटॉक्स होता है, मेटाबॉलिज्म एक्टिव होता है और दिनभर एनर्जी बनी रहती है। बढ़ती उम्र में यह आदत पाचन को भी बेहतर बनाती है और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों को कम करती है।
नैचुरोपैथ के अनुसार कब्ज कई बीमारियों की जड़ है जैसे स्किन प्रॉब्लम्स हों या पेट की परेशानी। इसलिए रोजाना पर्याप्त पानी पीना, मौसमी फल-सब्जियां खाना और आहार में फाइबर बढ़ाना बहुत जरूरी है। यह रूटीन शरीर की अंदरूनी सफाई को बेहतर करता है और उम्र बढ़ने के साथ पाचन को मजबूत बनाए रखता है।
सूरज की रोशनी न सिर्फ विटामिन D देती है, बल्कि शरीर की बायोलॉजिकल घड़ी को भी ठीक रखती है। रोज सुबह हल्की धूप लेने से इम्यूनिटी मजबूत होती है, हड्डियां मजबूत रहती हैं और मूड भी अच्छा होता है। बढ़ती उम्र में यह आदत जॉइंट पेन और थकान को काफी हद तक कम कर सकती है।
नैचुरोपैथी में नेचर थेरेपी यानी प्रकृति के करीब रहना बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। हर दिन 20-30 मिनट पार्क या खुले वातावरण में बिताने से तनाव कम होता है, नींद बेहतर होती है और शरीर की हीलिंग तेजी से होती है। पेड़ों और ताजी हवा के संपर्क में रहना मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर छोड़ता है।
नैचुरोपैथ के अनुसार प्लेट जितनी रंगीन होगी, शरीर उतना स्वस्थ रहेगा। यानी आपकी डाइट में मौसमी फल, सब्जियां, साबुत अनाज और नेचुरल फूड ज़रूर शामिल होने चाहिए। पैकेज्ड, जंक या ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से दूरी रखने से शरीर हल्का रहता है, पाचन अच्छा होता है और ब्लड शुगर भी कंट्रोल में रहता है, जो उम्र बढ़ने पर सबसे ज्यादा जरूरी होता है।
कम नींद आपका वजन बढ़ा सकती है, हार्मोन को बिगाड़ सकती है और तनाव बढ़ा सकती है। नैचुरोपैथी में इसे शरीर का नेचुरल रिपेयर टाइम कहा जाता है। हर रात 7–8 घंटे की अच्छी नींद शरीर को रिकवर करती है, दिमाग को शांत रखती है और बॉडी स्ट्रेंथ बढ़ाती है। बढ़ती उम्र में नींद आपकी सबसे बड़ी दवा है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।