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मिडल एज में मसल लॉस, खतरा जिसे हम नहीं पा रहे समझ, हल्के में ना लें इसे

Muscle Breakdown Cause: उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का नुकसान एक अनिवार्य प्रक्रिया है, लेकिन इसे रोका जा सकता है। सही व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हम अपनी मांसपेशियों को मजबूत रख सकते हैं और बेहतर जीवन जी सकते हैं। थोड़ा व्यायाम, सही खानपान और एक्टिव लाइफस्टाइल आपको लंबे समय तक मजबूत रख सकती है।

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मिडल एज में मसल लॉस

Muscle Breakdown Cause: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कई बदलाव आते हैं। 40 साल के बाद एक बड़ा बदलाव चुपचाप शुरू होता है वो है मांसपेशियों का कम होना। डॉक्टर इसे सार्कोपेनिया कहते हैं। यह धीरे-धीरे होता है, इसलिए ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनकी ताकत कम हो रही है। मांसपेशियों का कम होना आगे चलकर गंभीर समस्या होती है जिसपर ध्यान देना बेहद जरूरी है इसे हल्के में लेने से आप अपनी हेल्थ के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीयों में, खासकर दक्षिण भारतीयों में, जन्म से ही मांसपेशियां थोड़ी कम विकसित होती हैं। ऊपर से आजकल की लाइफस्टाइल-घंटों कुर्सी पर बैठना, स्क्रीन के सामने समय बिताना और शारीरिक मेहनत कम करना इस समस्या को और बढ़ा देता है। ऐसे में इन बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

जब हम अपनी मांसपेशियों का इस्तेमाल कम करते हैं, तो वे धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। इसे ही आसान भाषा में 'इस्तेमाल न करने से मांसपेशियों का सूखना' कहा जा सकता है। मांसपेशियों की ताकत में कमी का मुख्य कारण हमारे शरीर के प्रकार 2 मांसपेशी फाइबर का नुकसान है। ये फाइबर तेजी से गति करने और भारी वस्तुओं को उठाने में मदद करते हैं।

इसके विपरीत, प्रकार 1 फाइबर, जो सहनशक्ति में मदद करते हैं, उतने प्रभावित नहीं होते। यही कारण है कि बुजुर्ग लोग धीरे-धीरे गतिविधियों को करने में सक्षम होते हैं, लेकिन अचानक शक्ति की आवश्यकता वाले कार्यों में कठिनाई महसूस करते हैं। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों को बनाए रखने के लिए ताकत प्रशिक्षण आवश्यक है।

40 वर्ष के बाद, कम से कम सप्ताह में कुछ बार 20 मिनट का ताकत और पावर व्यायाम करना चाहिए। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि जिम में अक्सर युवा लोग ही दिखाई देते हैं। वरिष्ठ नागरिकों की संख्या कम होती है, जिसका एक कारण यह है कि उम्रदराज लोगों के लिए प्रशिक्षकों की कमी होती है। सही मार्गदर्शन और धीरे-धीरे प्रगति के साथ, ताकत प्रशिक्षण किसी भी उम्र में सुरक्षित हो सकता है।

मांसपेशियों का नुकसान केवल एक कॉस्मेटिक चिंता नहीं है। यह हमारी स्वतंत्रता, संतुलन, और बीमारी या चोट से उबरने की क्षमता को प्रभावित करता है। मजबूत मांसपेशियां मजबूत हड्डियों का समर्थन करती हैं, और मजबूत हड्डियां सक्रिय जीवन को संभव बनाती हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि हम अपनी मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए नियमित व्यायाम करें।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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