माता-पिता बनना सभी दंपत्ति का एक सपना होता है। कहा जाता है कि एक बच्चे के जन्म के साथ माता-पिता का भी जन्म होता है। लेकिन आज बहुत से लोगों का ये खूबसूरत सा सपना सच नहीं हो पा रहा है। जिसके पीछे आमतौर पर महिलाओं को जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमेशा इंफर्टिलिटी का कारण महिलाएं नहीं होती हैं, इसके पीछे पुरुष भी बराबर के हिस्सेदार हो सकते हैं। आंकड़ों की मानें तो दुनियाभर में इन्फर्टिलिटी के मामलों में पुरुषों और महिलाओं का लगभग बराबर का योगदान है। आज बदलती लाइफस्टाइल और खानपान के कारण पुरुषों की प्रजनन क्षमता काफी प्रभावित होती है। आज हम आपको ऐसी 4 आदतें बताने जा रहे हैं, जो पुरुषों की इन्फर्टिलिटी की बड़ी वजह बन रही हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
पुरुषों में बांझपन के 4 कारण - Causes of Infertility in Male in Hindi
1. मादक पदार्थों का इस्तेमाल
आज पुरुषों में सिगरेट और शराब जैसे मादक पदार्थों का इस्तेमाल काफी बढ़ता जा रहा है, जिसे हम केवल लिवर और फेफड़ों के नुकसान तक सीमित समझते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। सिगरेट और शराब का अत्यधिक इस्तेमाल आपके शुक्राणुओं की संख्या को भी प्रभावित करता है। शराब हमारे टेस्टोस्टेरोन लेवल को कम करती है, जिससे हमारा स्पर्म काउंट बुरी तरह प्रभावित होता है।
2. अनहेल्दी फूड हैबिट्स
आज बदलती लाइफस्टाइल में ऑफिस के उल्टे सीधे समय के कारण बाहर का खाना या पैकेट बंद खाना एक बड़ी जरूरत बनता जा रहा है। जंक फूड और पैकेज्ड फूड्स में ट्रांस फैट बहुत अधिक होता है। जो आपके शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस का कारण बन सकता है। यह हार्मोन्स का असंतुलन आपके स्पर्म काउंट को कम कर सकता है।
3. कपड़ों का चयन
आज फैशन के दौर में लोग अपने लुक्स को और भी ज्यादा निखारने के लिए बहुत अधिक टाइट कपड़े पहन लेते हैं। टाइट पैंट और अंडरवियर पहनने से आपके अंडकोष का तापमान काफी बढ़ जाता है। जिससे आपके शुक्राणुओं के प्रोडक्शन पर भी काफी बुरा असर पड़ता है। इससे बचने के लिए आप खुले और हवादार कपड़े पहनने चाहिए।
4. मानसिक तनाव
ऑफिस और घर के काम के बीच दबे हुए पुरुषों के लिए वर्क लाइफ बैलेंस बनाना बड़ा मुश्किल होता जा रहा है। जिससे वह लगातार एक मानसिक तनाव झेलते हैं। तनाव के कारण हमारे शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के लेवल को कम करने का काम करता है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि आप रोजाना ध्यान और योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
