मानसून अपने साथ गर्मी से राहत और कई तरह की बीमारियां एक साथ लेकर आता है। इस मौसम में इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होता है। बारिश का मौसम सर्दी-जुकाम जैसे फ्लू का कारण बनता है। तापमान में तेजी से बदलाव के कारण कमजोर इम्यून वाले लोग जल्दी बीमारी का शिकार हो जाते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में बीमारी का शिकार बच्चे काफी जल्दी होते हैं। यही कारण है कि डॉक्टर भी 10 साल तक के बच्चों का ख्याल इस मौसम में थोड़ा ज्यादा रखने की सलाह देते हैं। आइए हम आपको बताएंगे कि कैसे रखें अपने बच्चों की सेहत का ख्याल...
साफ-सफाई का रखें ध्यान
बारिश के मौसम में बच्चों के हाथ-पैरों का साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें और बाहर से आने के बाद तुरंत हाथ धोने की आदत डलवाएं। क्योंकि मानसून में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। इसके अलावा बच्चों के नाखून हमेशा छोटे रखें और गंदे खिलौने या ऐसी चीजों को मुंह में डालने से रोकें।
पानी उबालकर दें
मानसून में सबसे ज्यादा बीमारी फैलने का खतरा पानी से होता है। क्योंकि इस मौसम में पानी में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पानी से जुड़ी बीमारियां जैसे टाइफाइड, हेपेटाइटिस A और डायरिया जैसे रोग तेजी से फैलते हैं। यही कारण है कि आपको मानसून में अपने बच्चों को हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिलाना चाहिए।
इम्यूनिटी रखें मजबूत
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी कमजोर होती है, जिससे वह जल्दी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। आपको बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए उन्हें विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे आंवला, नींबू और संतरा आदि खिलाना चाहिए।
मच्छरों से बचाव
मानसून में बारिश होने से मच्छरों का प्रकोप भी काफी ज्यादा फैलने लगता है। जिसके कारण डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि आपको मानसून में अपने बच्चों को मच्छरों से बचाव जरूर करना चाहिए। इसके लिए फुल स्लीव कपड़े पहनाएं और मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
