Long Screen Hours May Increase Risk of Heart Problems: आजकल मोबाइल और लैपटॉप के बिना दिन पूरा होना मुश्किल लगता है। काम, पढ़ाई, सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट – हर चीज के लिए हम स्क्रीन पर निर्भर हो चुके हैं। लेकिन एक नई रिसर्च चेतावनी देती है कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार जो युवा लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं, उनमें हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। वजह है कम फिजिकल एक्टिविटी, खराब नींद और शरीर में बढ़ती चर्बी। इसलिए डिजिटल लाइफ के साथ हेल्थ बैलेंस करना भी बेहद जरूरी है।
ज्यादा स्क्रीन टाइम दिल की सेहत को कर सकता है कमजोर
जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार ज्यादा स्क्रीन देखने की आदत युवाओं में दिल से जुड़े जोखिम बढ़ा सकती है। रिसर्च में पाया गया कि जो लोग ज्यादा समय मोबाइल, लैपटॉप या टीवी पर बिताते हैं, उनमें कार्डियोमेटाबॉलिक जोखिम ज्यादा देखने को मिले। इसका मतलब है कि हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब हम लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं, तो शरीर की एक्टिविटी कम हो जाती है, जो धीरे-धीरे दिल की सेहत को प्रभावित कर सकती है।
हर अतिरिक्त घंटे से बढ़ सकता है खतरा
रिसर्च में यह भी सामने आया कि स्क्रीन के सामने बिताया गया हर अतिरिक्त घंटा हार्ट हेल्थ से जुड़े जोखिम को बढ़ा सकता है। ज्यादा स्क्रीन टाइम लेने वाले युवाओं में पेट की चर्बी, ट्राइग्लिसराइड और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं ज्यादा देखी गईं। यानी अगर आपकी लाइफस्टाइल ज्यादा बैठकर काम करने वाली है और स्क्रीन टाइम भी ज्यादा है, तो भविष्य में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है।
नींद पर असर पड़ना भी है बड़ी वजह
ज्यादा मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने से नींद की क्वालिटी खराब हो सकती है। देर रात तक स्क्रीन देखने से शरीर का नेचुरल स्लीप साइकल बिगड़ जाता है। रिसर्च के मुताबिक नींद की कमी का सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ सकता है, क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर और हार्मोन बैलेंस प्रभावित होता है। इसलिए सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाना दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है।
लंबे समय तक बैठे रहना भी बढ़ाता है रिस्क
स्क्रीन टाइम बढ़ने का मतलब अक्सर लंबे समय तक बैठे रहना भी होता है। कम शारीरिक गतिविधि की वजह से शरीर में फैट जमा होने लगता है, जिससे मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। रिसर्चर्स का मानना है कि एक्टिव लाइफस्टाइल दिल को हेल्दी रखने के लिए बहुत जरूरी है।
युवावस्था की आदतें भविष्य की सेहत तय करती हैं
स्टडी में यह भी बताया गया है कि कम उम्र में ज्यादा स्क्रीन देखने की आदत आगे चलकर हार्ट से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए शुरुआत से ही स्क्रीन टाइम को सीमित रखना और हेल्दी रूटीन अपनाना जरूरी है। छोटी-छोटी आदतें जैसे बीच-बीच में ब्रेक लेना, हल्की एक्सरसाइज करना और पर्याप्त नींद लेना दिल की सेहत को बेहतर बना सकता है।
कुल मिलाकर, मोबाइल और लैपटॉप हमारी जरूरत जरूर हैं, लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल दिल पर भारी पड़ सकता है। अगर आप डिजिटल लाइफ और हेल्थ के बीच संतुलन बना लेते हैं, तो लंबे समय तक फिट और हेल्दी रह सकते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
