हेल्थ

खतरा बड़ा है! रईसी का संकेत नहीं बीमारियों की शुरुआत है मटके जैसी तोंद, भारत में तेजी से क्‍यों बढ़ रहे Pot Belly के केस

Why Pot Belly Cases Increasing In India: हाल ही में पॉट बैली पर हुए एक रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। स्टडी में पाया गया है कि भारत में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और आने वाले वर्षों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। यह कोई रईसी का संकेत नहीं बल्कि गंभीर बीमारियों की शुरुआत है। यह गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है। यहां जानें इसके बारे में विस्तार से...

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Why Pot Belly Cases Increasing In India

Why Pot Belly Cases Increasing In India: कभी तोंद को देखकर लोग कहते थे, "वाह कितना अच्छा खाता-पीता आदमी है।" लेकिन अब वक्त बदल गया है। जो तोंद पहले रईसी की पहचान मानी जाती थी, अब वो सेहत के लिए खतरे की घंटी बन चुकी है। ताजा रिपोर्ट कहती है कि भारत में तेजी से बढ़ रही तोंद लोगों को बीमारियों की ओर धकेल रही है। लांसेट की नई स्टडी के मुताबिक, 2021 में देश में 18 करोड़ लोग मोटापे से जूझ रहे थे और अगर ऐसे ही हालात रहे, तो 2050 तक यह संख्या 45 करोड़ तक पहुंच सकती है। यानी हर तीसरा भारतीय इस खतरे की चपेट में होगा। तो चलिए समझते हैं कि आखिर ये ‘पॉट बेली’ है क्या और क्यों अब इससे डरना जरूरी है।

तोंद अब स्टेटस नहीं हेल्थ रिस्क है

आजकल बड़ी तोंद होना कोई गर्व की बात नहीं रही। डॉक्टरों की मानें तो पेट के पास जमा चर्बी शरीर के लिए सबसे ज़्यादा खतरनाक होती है। इसे 'विसरल फैट' कहा जाता है जो दिल की बीमारियों, डायबिटीज, हाई बीपी और यहां तक कि स्ट्रोक तक का कारण बन सकती है। यानी तोंद दिखने में जितनी सामान्य लगती है, अंदर से उतनी ही ज़्यादा नुकसानदायक होती है।

लांसेट की चेतावनी

लांसेट की एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2021 में 18 करोड़ भारतीयों को पॉट बेली थी। लेकिन अगर हमारी लाइफस्टाइल और खानपान ऐसे ही चलता रहा, तो 2050 तक ये आंकड़ा 45 करोड़ पार कर जाएगा। इसका मतलब है कि देश की एक बड़ी आबादी धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों के दलदल में फंस सकती है।

Pot Belly Cases Increasing In India

Pot Belly Cases Increasing In India

भारत में क्यों बढ़ रही है पॉट बैली - Why Pot Belly Cases Increasing In India

बिना एक्सरसाइज के घंटों बैठना, बाहर का तला-भुना खाना, नींद की कमी और स्ट्रेस ये सब तोंद बढ़ने के सबसे बड़े कारण हैं। साथ ही, भारतीय शरीर में फैट स्टोर करने की आदत भी होती है, जिसे वैज्ञानिक 'थ्रिफ्टी जीन' कहते हैं। यानी थोड़ा भी खाना खाते हैं तो शरीर उसे फैट में बदलकर जमा करने लगता है और इसका सबसे पहला असर दिखता है पेट पर।

मटके जैसी तोंद की वजह से कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं?

पॉट बेली का मतलब सिर्फ बढ़ा हुआ पेट नहीं है। ये धीरे-धीरे आपके शरीर में कई बीमारियों को जन्म देती है,

  • टाइप 2 डायबिटीज
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हार्ट अटैक का खतरा
  • फैटी लिवर
  • स्लीप एपनिया
  • मेटाबॉलिक सिंड्रोम

इनमें से कई बीमारियां लंबे समय तक लक्षण नहीं देतीं, लेकिन अंदर ही अंदर शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती हैं।

पॉट बैली की समस्या से कैसे बचें - How To Prevent Pot Belly In Hindi

पेट की चर्बी से बचने का सबसे आसान उपाय है अपनी लाइफस्टाइल को बदलाव करना है। स्वस्थ जीवनशैली को फॉलो और खानपान की आदतों में बदलाव करके आसानी से इस समस्या से बचा जा सकता है। ऐसे में आप कुछ सरल टिप्स फॉलो कर सकते हैं,

  • रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें
  • जंक फूड कम खाएं, घर का बना संतुलित खाना लें
  • दिन में 7-8 घंटे की नींद जरूर लें
  • स्ट्रेस कम करें, इसके लिए मेडिटेशन, योग या म्यूजिक की मदद लें

शराब और स्मोकिंग से दूर रहें

सरकार और हेल्थ एजेंसियों को भी चाहिए कि वो लोगों को इस बढ़ती समस्या के बारे में जागरूक करें और हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा दें।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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