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क्या अश्वगंधा के पत्ते नुकसानदेह होते हैं, FSSAI ने क्यों लगाया है बैन, क्यों अश्वगंधा की जड़ ही कर सकते हैं यूज

Why FSSAI Ban Ashwagandha Leaves: हाल ही में FSSAI ने अश्वगंधा के पत्तों के यूज पर बैन का फैसला लिया है। लेकिन पत्तों पर रोक क्यों लगाई और सिर्फ जड़ को ही सुरक्षित क्यों माना? यहां एक्सपर्ट से लें जवाब..

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FSSAI ने अश्वगंधा के पत्तों पर बैन क्यों लगाया है

Why FSSAI Ban Ashwagandha Leaves: आजकल हेल्थ और आयुर्वेद की बात हो और अश्वगंधा का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है। आज के समय ज्यादतर लोग इस आयुर्वेदिक बूटी का प्रयोग करते हैं। कुछ लोग इसे स्ट्रेस कम करने के लिए लेते हैं तो कुछ इम्युनिटी बढ़ाने के लिए इसका सेवन करते हैं। लेकिन हाल ही में एक बात ने लोगों को थोड़ा कन्फ्यूज कर दिया है कि आखिर भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अश्वगंधा के पत्तों पर बैन क्यों लगाया गया? FSSAI ने साफ कहा है कि इसके पत्तों का इस्तेमाल फूड या सप्लीमेंट में नहीं किया जाना चाहिए, जबकि जड़ को सुरक्षित माना गया है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या पत्ते सच में नुकसान करते हैं या यह सिर्फ सावधानी के लिए लिया गया फैसला है? आइए इस पर डॉक्टर और आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से ही समझते हैं पूरा मसला।

FSSAI ने पत्तों को लेकर सख्ती क्यों दिखाई - FSSAI Ban Ashwagandha Leaves

आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, FSSAI का काम है यह देखना कि हम जो खा रहे हैं, वह सुरक्षित है या नहीं। अश्वगंधा के मामले में उन्होंने रिसर्च और उपलब्ध डेटा के आधार पर पाया कि इसके पत्तों में कुछ ऐसे तत्व हो सकते हैं, जिनकी सेफ्टी पूरी तरह साबित नहीं हुई है। मतलब साफ है कि जब तक कोई चीज 100% सुरक्षित साबित न हो जाए, उसे खाने की सलाह नहीं दी जा सकती है। यही वजह है कि पत्तों को लेकर थोड़ी सख्ती बरती गई है।

जड़ को ही क्यों माना गया सुरक्षित

डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि अगर आप आयुर्वेद की किताबें देखें या डॉक्टरों से बात करें, तो एक बात कॉमन मिलेगी कि अश्वगंधा की जड़ का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। इस पर काफी रिसर्च भी हो चुकी है और इसके फायदे भी अच्छे से डॉक्यूमेंटेड हैं। डॉक्टर मानते हैं कि जड़ में मौजूद एक्टिव कंपाउंड्स शरीर को फायदा पहुंचाते हैं और इनके साइड इफेक्ट्स कम देखने को मिलते हैं। इसी वजह से FSSAI ने भी जड़ को ही मंजूरी दी है।

क्या पत्तों से सच में हो सकता है नुकसान

अब सीधा सवाल क्या अश्वगंधा के पत्ते सेहत के लिए नुकसानदायक हैं? इसका जवाब थोड़ा बैलेंस्ड है। कुछ स्टडीज में यह बात सामने आई है कि पत्तों में कुछ ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो ज्यादा मात्रा में लेने पर शरीर पर असर डाल सकते हैं, खासकर लिवर पर। हालांकि यह हर किसी के साथ नहीं होता, लेकिन इस रिस्क को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है। इसलिए एक्सपर्ट्स 'सेफ साइड' पर रहने की सलाह देते हैं।

डॉक्टरों की क्या राय है

डॉ. चंचल शर्मा का साफ कहना है कि किसी भी हर्बल चीज को 'नेचुरल है तो सेफ है' मान लेना सही नहीं है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर आप अश्वगंधा लेना चाहते हैं, तो सिर्फ जड़ से बने प्रोडक्ट्स ही लें और वह भी सीमित मात्रा में। पत्तों के इस्तेमाल पर अभी और रिसर्च की जरूरत है, इसलिए फिलहाल उससे दूरी बनाना ही बेहतर है।

आम लोगों के लिए क्या समझना जरूरी है

डॉ. चंचल शर्मा सलाह देती हैं कि अगर आप बाजार से अश्वगंधा खरीदते हैं, चाहे पाउडर हो या कैप्सूल तो ध्यान रखें कि वह भरोसेमंद ब्रांड का हो और FSSAI से अप्रूव्ड हो। खुद से पौधे के पत्ते इस्तेमाल करना या इंटरनेट देखकर कुछ भी ट्राय करना सेहत के लिए रिस्की हो सकता है। छोटी-सी लापरवाही भी बाद में बड़ी समस्या बन सकती है।

अश्वगंधा वाकई एक असरदार आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, लेकिन इसका सही हिस्सा और सही तरीका ही फायदा देता है। FSSAI का फैसला लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। इसलिए बेहतर यही है कि हम जड़ का ही इस्तेमाल करें और किसी भी नए प्रयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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