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90% लोग यहीं खा जाते हैं धोखा! लगता है वजन बढ़ा है, मगर बिगड़ चुका होता है इंसुलिन- एक्सपर्ट ने बताया कैसे सुधारें

Insulin Resistance: क्या आपको भी रोज लगता है कि सिर्फ वजन बढ़ रहा है? लेकिन क्या आप जानते हैं हर समय मोटा लगना वजन बढ़ना नहीं, इंसुलिन रेजिस्टेंस भी हो सकता है। एक्सपर्ट ने बताया कैसे सुधारें इसे।

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हर बार बढ़ा वजन मोटापा नहीं होता, इंसुलिन रेजिस्टेंस भी हो सकता है

Insulin Resistance: कई लोग सोचते हैं कि उनका वजन सिर्फ ज्यादा खाने की वजह से बढ़ रहा है। इसलिए वे डाइटिंग शुरू कर देते हैं या घंटों जिम में पसीना बहाते हैं। लेकिन अगर फिर भी वजन कम नहीं हो रहा, खासकर पेट की चर्बी बनी हुई है, तो वजह कुछ और भी हो सकती है। हेल्थ इंफ्लुएंसर, न्यूट्रिशनिस्ट और फिटनेस कोच अक्षय एस शेट्टी के मुताबिक, कई मामलों में असली समस्या इंसुलिन रेजिस्टेंस होती है। यह शरीर के अंदर धीरे-धीरे बढ़ती है और लंबे समय तक कोई बड़ा लक्षण नहीं देती। अगर समय रहते इसके संकेत पहचान लिए जाएं और रोजमर्रा की कुछ आदतें बदल ली जाएं, तो इस परेशानी को काफी हद तक सुधारा जा सकता है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस के संकेत क्या हैं - Insulin Resistance Signs And Symptoms

हर व्यक्ति में सभी लक्षण नहीं दिखते। लेकिन अगर नीचे दिए गए 2-3 संकेत भी लगातार नजर आ रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना सही रहेगा।

  • पेट के आसपास जिद्दी चर्बी
  • बार-बार भूख लगना
  • मीठा खाने की तेज इच्छा होना
  • खाना खाने के बाद सुस्ती आना
  • वजन कम करने में परेशानी
  • गर्दन या बगल की त्वचा का काला पड़ना
  • फैटी लिवर
  • महिलाओं में पीसीओएस
  • बार-बार थकान या दिमाग ठीक से काम न करना
इंसुलिन रेजिस्टेंस के संकेत और लक्षण

इंसुलिन रेजिस्टेंस के संकेत और लक्षण

इंसुलिन रेजिस्टेंस में सुधार के लिए 10 टिप्स - Tips To Improve Insulin Resistance

1. दिन की शुरुआत प्रोटीन वाले नाश्ते से करें

अक्षय एस शेट्टी के अनुसार, सुबह का नाश्ता ऐसा होना चाहिए जिसमें प्रोटीन अच्छी मात्रा में हो। अंडा, पनीर, दही, बेसन का चीला या मूंग दाल का चीला जैसे विकल्प लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देते।

2. हर भोजन के बाद 10 मिनट जरूर टहलें

खाना खाने के बाद थोड़ी देर पैदल चलना शरीर को शुगर का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करता है। सिर्फ 10 मिनट की वॉक भी लंबे समय में अच्छा असर दिखा सकती है।

3. सिर्फ कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने से बचें

अगर आपकी प्लेट में सिर्फ रोटी, चावल, ब्रेड या पोहा है, तो उसके साथ दाल, पनीर, अंडा या दूसरी प्रोटीन वाली चीज और सब्जियां भी जरूर शामिल करें। इससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ती।

4. मीठी ड्रिंक्स से दूरी बनाएं

कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाला जूस, मीठी कॉफी और एनर्जी ड्रिंक जैसी चीजों में छिपी चीनी काफी ज्यादा होती है। इनकी जगह सादा पानी, छाछ या बिना चीनी वाले पेय लेना बेहतर विकल्प है।

5. रात का खाना जल्दी खाएं

कोशिश करें कि सोने से 2-3 घंटे पहले रात का खाना खत्म कर लें। इससे शरीर को खाना पचाने का समय मिलता है और ब्लड शुगर को संभालने में भी मदद मिलती है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस सुधारे के उपाय

इंसुलिन रेजिस्टेंस सुधारे के उपाय

6. रोज 7-8 घंटे की नींद लें

अच्छी नींद सिर्फ थकान दूर नहीं करती, बल्कि शरीर के हार्मोन भी संतुलित रखती है। हर दिन लगभग एक ही समय पर सोना और उठना सबसे अच्छा माना जाता है।

7. हफ्ते में 2-4 दिन स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करें

सिर्फ वॉक ही नहीं, बल्कि हल्की-फुल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या वजन उठाने वाली एक्सरसाइज भी फायदेमंद होती है। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर इंसुलिन का बेहतर इस्तेमाल कर पाता है।

8. रात में करीब 12 घंटे का अंतर रखें

अगर रात का खाना 8 बजे खाते हैं, तो अगला नाश्ता सुबह 8 बजे के आसपास करें। इससे शरीर को आराम मिलता है और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।

9. मैदा और ज्यादा चीनी वाली चीजें कम करें

सफेद ब्रेड, केक, पेस्ट्री, बिस्किट, नूडल्स और पिज्जा जैसी चीजें कम खाएं। इनके बजाय घर का ताजा खाना, साबुत अनाज और फल बेहतर विकल्प हैं।

10. रोज तनाव कम करने की कोशिश करें

लंबे समय तक तनाव रहने से शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ते हैं जो ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए रोज कुछ मिनट गहरी सांस लें, मेडिटेशन करें, डायरी लिखें या खुली हवा में टहलें।

कब डॉक्टर से जांच करानी चाहिए

एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपकी गर्दन या बगल की त्वचा काली पड़ रही है, पेट की चर्बी कम नहीं हो रही, फैटी लिवर, प्रीडायबिटीज या पीसीओएस जैसी समस्या है या परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, तो डॉक्टर से सलाह लें। अक्षय एस शेट्टी के अनुसार, ऐसे लोगों को,

  • HbA1c
  • फास्टिंग ब्लड शुगर
  • फास्टिंग इंसुलिन जैसी जांच कराने पर विचार करना चाहिए।

समय पर जांच और सही लाइफस्टाइल अपनाने से आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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