दूषित हवा, पानी और भोजन के द्वारा हमारे शरीर में तरह तरह के टॉक्सिन जाते रहते हैं। जो शरीर में जाकर कई तरह के हेल्थ प्रॉब्लम का कारण बनते हैं। ये टॉक्सिन पदार्थ हमारे शरीर में जाकर किडनी, लिवर और लंग्स को खराब करते हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी के वैज्ञानिकों ने एक सस्ता और कारगर तरीका विकसित किया है, जो टॉक्सिन के कराण आपके शरीर की जीवित कोशिकाओं पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव को बताएगा। आइए जानते हैं टॉक्सिन पता करने के इस कारगर तरीके के बारे में विस्तार से...
समस्या का समाधान
शोधकर्ताओं की मानें तो इस नैनोपार्टिकल को सिलिका और पॉलीमर की कोटिंग से सुरक्षित किया गया है। जो लंबे समय तक काम करने में सक्षम हो गए हैं। ये पार्टिकल आपके शरीर में पारे की मात्रा का सटीक पता लगा सकते हैं। इस नैनो पार्टिकल के साइज की बात करें तो ये बहुत छोटे होते हैं। इसकी मोटाई एक बाल की मोटाई से लाख गुना कम होती है।
पारे का सेहत पर प्रभाव
- पारा हमारी सेहत के लिए काफी खतरनाक होता है, जो आपके शरीर में जाकर स्किन पर रैशेज, और रेडनेस पैदा कर सकता है।
- इसके अलावा शरीर में पारा जाने से आपको शरीर में कंपन, चिड़चिड़ापन और पर्सनालिटी में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- पारा शरीर में जाने से आपको मेमोरी लॉस, अवसाद, और तेजी से वेट लॉस जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
- इसके अलावा ये हमारी किडनी के लिए काफी खतरनाक होता है, इससे आपको नेफ्रोटिक सिंड्रोम जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कैसे होगा उपयोग
शोधकर्ताओं की मानें तो जीवित कोशिकाओं पर किए गए परीक्षण में ये नैनो पार्टिकल किसी तरह की हानि नहीं पहुंचा रहे हैं। ये बिना किसी नुकसान के आपके शरीर में जमा टॉक्सिन का पता लगाने में कारगर साबित हुआ है। वहीं ये केवल पारे का पता लगाने के लिए नहीं है बल्कि यह कई अन्य धातुओं और दवाओं के सेहत पर प्रभाव का भी पता लगाने में सक्षम होगा।
