Hunger vs Appetite: कई बार ऐसा होता है कि खाना खाने के थोड़ी देर बाद ही कुछ मीठा या नमकीन खाने का मन करने लगता है। ऐसे में हम सोचते हैं कि शायद फिर से भूख लग गई है, जबकि हर बार ऐसा नहीं होता। कई बार शरीर को खाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि सिर्फ मन किसी चीज का स्वाद लेना चाहता है। अगर हम इन दोनों बातों का फर्क नहीं समझते, तो जरूरत से ज्यादा खाना शुरू कर देते हैं। यही आदत धीरे-धीरे वजन बढ़ने, सुस्ती और दूसरी परेशानियों की वजह बन सकती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कब सच में शरीर खाना मांग रहा है और कब सिर्फ खाने का मन कर रहा है।
भूख और खाने की इच्छा एक जैसी नहीं होती - Difference Between Hunger and Appetite
भूख तब लगती है जब शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसे समय में पेट खाली महसूस होता है और कुछ भी अच्छा खाना मिल जाए तो उसे खाने का मन हो जाता है। वहीं, खाने की इच्छा अचानक होती है। इसमें अक्सर किसी खास चीज, जैसे मिठाई, चिप्स, पिज्जा या समोसे का मन करता है। इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को खाना चाहिए, बल्कि सिर्फ स्वाद लेने की इच्छा होती है।
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कैसे पहचानें कि सच में भूख लगी है
अगर आपको सच में भूख लगी है, तो यह धीरे-धीरे महसूस होती है। पेट खाली लगता है, कभी-कभी हल्की आवाज भी आती है और सामान्य खाना भी अच्छा लगने लगता है। लेकिन अगर पेट भरा होने के बाद भी सिर्फ केक, चॉकलेट या कोई पसंदीदा चीज खाने का मन करे, तो समझिए यह भूख नहीं, बल्कि खाने की इच्छा है।
तनाव और बोरियत भी बढ़ा सकते हैं खाने की आदत
कई लोग जब परेशान होते हैं, अकेलापन महसूस करते हैं या बोर हो जाते हैं, तब भी कुछ न कुछ खाने लगते हैं। ऐसे समय में खाना शरीर की जरूरत नहीं होता, बल्कि मन को अच्छा महसूस कराने का एक तरीका बन जाता है। अगर यह आदत रोज बनने लगे, तो बिना जरूरत के ज्यादा कैलोरी शरीर में जाने लगती है और वजन बढ़ सकता है।
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खाने से पहले बस एक मिनट सोच लें
अगर समझ नहीं आ रहा कि भूख लगी है या सिर्फ मन कर रहा है, तो पहले एक गिलास पानी पी लें और 10-15 मिनट रुक जाएं। फिर खुद से पूछें कि क्या अभी साधारण दाल-रोटी या फल खाने का मन है? अगर जवाब हां है, तो आपको सच में भूख लगी है। लेकिन अगर सिर्फ कोई खास चीज खाने की इच्छा हो, तो बेहतर है थोड़ा इंतजार करें। कई बार यह इच्छा अपने आप खत्म हो जाती है।
यह छोटा-सा फर्क आपकी सेहत बचा सकता है
भूख और खाने की इच्छा में फर्क समझना अच्छी सेहत की शुरुआत है। जब हम सिर्फ शरीर की जरूरत के हिसाब से खाते हैं, तो जरूरत से ज्यादा खाने से बच जाते हैं। इससे वजन नियंत्रित रखने, पाचन ठीक रखने और दिनभर खुद को हल्का व ऊर्जावान महसूस करने में मदद मिलती है। इसलिए अगली बार कुछ खाने का मन करे, तो पहले यह जरूर सोचें कि यह आपके शरीर की जरूरत है या सिर्फ मन की इच्छा।
