हर भारतीय रसोई की शान आलू सब्जियों का सरताज कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। हमारे रोज के खाने में आलू किसी न किसी तरह से शामिल होता ही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन मुनाफाखोर व्यापारियों ने आपकी इस पसंदीदा सब्जी को भी आपके खाने लायक नहीं छोड़ा है। जी हां हाल ही खाद्य सुरक्षा विभाग ने 21 क्विंटल नकली आलू का जखीरा बरामद किया है। नकली तरह से पकाए और रंग वाले ये आलू आपकी सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। आइए जानते हैं FSSAI ने बताया आलू की पहचान का बेहद आसान तरीका।
कहां पकड़ी गई नकली आलू की खेप?
फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) की एक टीम ने उत्तर प्रदेश राज्य के बलिया जिले में 21 क्विंटल नकली आलू की खेप को जब्त किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मानें तो शिकायत के आधार पर की गई छापेमारी में पाया गया कि सफेद आलू को लाल रंग से कलर करके बेचा जा रहा था। रंग किया हुआ आलू हमारी सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकता है।
सेहत के लिए खतरनाक है ऐसा आलू
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Food Safety and Standards Authority of India) ने बताया कि फल और सब्जियों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड नाम के केमिकल का उपयोग किया जाता है। इस केमिकल को सामान्य भाषा में मसाला कहा जाता है। इसके कारण उल्टी, डायरिया, खूनी दस्त, सीने में जलन, पेट में जलन, बेहद प्यास और कमजोरी का कारण बन सकता है। सेहत के लिए इतने नुकसान देखते हुए इस केमिकल को सरकार ने पूरी तरह बैन कर दिया है।
कैसे करें नकली आलू की पहचान?
नकली आलू की पहचान के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Food Safety and Standards Authority of India) ने बताया कि आप जब आलू को खरीदें तो उसे हाथ में पकड़ कर देखें। यदि आपको आलू का रंग सामान्य से कुछ अलग दिखता है तो आपको समझ लेना चाहिए कि यह केमिकल से पकाया गया है। इसके अलावा केमिकल से पके आलू में आपको एक हल्की गंध भी देखने को मिल सकती है।
