काल का मैल साफ करने के देसी जुगाड़
How To Clean Earwax In Hindi: कई लोग कान में जमा मैल साफ करने के लिए गर्म तेल, रुई की डंडी या पिन जैसी चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना आपके कान को नुकसान पहुंचा सकता है? कान में मौजूद पीला मैल (Earwax) हमारे कान की सुरक्षा के लिए ज़रूरी होता है, मगर जब ये ज़्यादा जमा हो जाए, तो सुनने में दिक्कत, खुजली और ब्लॉकेज जैसी परेशानी होने लगती है। यशोदा हॉस्पिटल की ENT विशेषज्ञ डॉ. आशिमा भटनागर ने Tata1mg के वीडियो में बताया है, कि कान की सफाई के लिए किसी तरह की जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि घर पर भी कुछ आसान और सुरक्षित तरीकों से कान के अंदर जमा मैल को धीरे-धीरे साफ किया जा सकता है।
डॉ. आशिमा बताती हैं कि हमारे कान खुद-ब-खुद सफाई करने की क्षमता रखते हैं। कान के अंदर की ग्रंथियां एक प्राकृतिक ऑयल जैसा पदार्थ बनाती हैं जो पुराने मैल को बाहर धकेल देता है। इसलिए बार-बार रुई या कान की स्टिक से सफाई करने की ज़रूरत नहीं होती। ऐसा करने से कान की नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है या फिर ईयरड्रम फटने का खतरा रहता है। इसलिए अगर आपको सुनने में कोई परेशानी नहीं हो रही है, तो कान के अंदर कुछ डालने से बचें।
अगर कान में बहुत ज्यादा मैल जम गया है, तो डॉक्टर सलाह देते हैं कि घर पर सलाइन वॉटर (नमक वाला हल्का पानी) का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए एक कटोरी गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक मिलाएं और ड्रॉपर की मदद से कान में कुछ बूंदें डालें। इससे मैल धीरे-धीरे नरम हो जाता है और बाहर आना आसान हो जाता है। लेकिन ध्यान रखें कि पानी बहुत गर्म या बहुत ठंडा न हो, और अगर कान में पहले से संक्रमण है तो ये तरीका न अपनाएं।
डॉ. आशिमा के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले मेडिकल ईयर ड्रॉप्स कान की सफाई के लिए बहुत सुरक्षित विकल्प हैं। ये ड्रॉप्स कान में जमा सूखे मैल को नरम कर देते हैं जिससे वो धीरे-धीरे बाहर निकल जाता है। आप इन्हें डॉक्टर की सलाह से हफ्ते में एक बार इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे कान की अंदरूनी परत को नुकसान नहीं होता और सफाई भी आसानी से हो जाती है।
कई लोग दादी-नानी के नुस्खे के तौर पर सरसों या नारियल का तेल कान में डालते हैं। लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक, ये तरीका बिल्कुल सही नहीं है। तेल डालने से कान में बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है और कान की नली में सूजन भी आ सकती है। अगर कान में खुजली या दर्द हो तो खुद इलाज करने की बजाय तुरंत किसी ENT डॉक्टर से सलाह लें।
अगर कान में लगातार दर्द, सुनने में दिक्कत, बजने की आवाज़ (ringing) या डिस्चार्ज हो रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें। ये सिर्फ मैल जमा होने का नहीं, बल्कि किसी गंभीर संक्रमण या ईयरड्रम से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में तुरंत विशेषज्ञ से जांच करवाना ज़रूरी है। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर ईयर माइक्रो सक्शन या सिरिंजिंग से प्रोफेशनल तरीके से कान की सफाई कर सकते हैं, जिससे किसी तरह का नुकसान नहीं होता।
कान की सफाई में जल्दबाजी या घरेलू प्रयोग खतरनाक साबित हो सकते हैं। गर्म तेल, पिन या रुई की डंडी से कान में छेड़छाड़ करने से बेहतर है कि आप डॉक्टर के बताए सुरक्षित उपाय अपनाएं। याद रखें, कान अपने आप सफाई करते हैं आपको बस थोड़ा धैर्य और सही तरीका अपनाने की जरूरत है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।