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खराब डाइजेशन कैसे बढ़ाता है दिल की बीमारी का रिस्क, गट हेल्थ और हार्ट अटैक का क्या है कनेक्शन

Gut Health And Heart Connection: क्या आप भी अक्सर पाचन संबंधी समस्याएं जैसे पेट में गैस, अपच, कब्ज और सीने में जलन आदि से परेशान रहते हैं। तो बता दें कि ये खराब डाइजेशन की निशानी हैं। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि खराब गट हेल्थ की वजह से हृदय स्वास्थ्य भी प्रभावित होता हैा। चलिए आज आपको बताते हैं गट-हार्ट कनेक्शन।

खराब गट हेल्थ बढ़ा सकती है दिल की बीमारी का रिस्क

खराब गट हेल्थ बढ़ा सकती है दिल की बीमारी का रिस्क

Gut Health And Heart Connection: हम अक्सर सोचते हैं कि दिल की बीमारी सिर्फ कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर या शुगर से जुड़ी होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बार-बार होने वाली गैस, पेट फूलना या खराब डाइजेशन भी दिल की सेहत पर असर डाल सकता है? हृदय रोग विशेषज्ञ ने गट हेल्थ और हार्ट हेल्थ के बीच गहरे कनेक्शन को समझाया है। उनका कहना है कि हमारी आंतों में मौजूद बैक्टीरिया सिर्फ पाचन ही नहीं संभालते, बल्कि शरीर में सूजन, ब्लड वेसल्स की सेहत और यहां तक कि हार्ट अटैक के खतरे को भी प्रभावित कर सकते हैं। यानी अगर पेट ठीक नहीं है, तो दिल भी खतरे में पड़ सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं ये पूरा कनेक्शन।

गट हेल्थ और दिल का रिश्ता

हमारी आंतों में करोड़ों अच्छे और बुरे बैक्टीरिया रहते हैं, जिन्हें मिलाकर “गट माइक्रोबायोम” कहा जाता है। ये बैक्टीरिया खाना पचाने, विटामिन बनाने और इम्युनिटी मजबूत करने में मदद करते हैं। लेकिन जब इनका संतुलन बिगड़ जाता है, तो शरीर में सूजन बढ़ने लगती है। यही सूजन धीरे-धीरे ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकती है और दिल की बीमारी का रास्ता खोल सकती है।

खराब डाइजेशन से बढ़ती है अंदरूनी सूजन

अगर आपको अक्सर ब्लोटिंग, गैस, कब्ज या एसिडिटी रहती है, तो यह सिर्फ पेट की समस्या नहीं है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, गट में गड़बड़ी होने पर टॉक्सिन्स और हानिकारक तत्व खून में पहुंच सकते हैं। इससे क्रॉनिक इंफ्लेमेशन यानी लगातार बनी रहने वाली सूजन बढ़ती है। यही सूजन हार्ट डिजीज का बड़ा कारण मानी जाती है।

गट बैक्टीरिया और कोलेस्ट्रॉल का संबंध

रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ गट बैक्टीरिया ऐसे कंपाउंड बनाते हैं, जो धमनियों में प्लाक जमने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं। इससे ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। यानी सिर्फ फैटी फूड ही नहीं, बल्कि असंतुलित गट माइक्रोबायोम भी दिल के लिए खतरा बन सकता है।

पेट के लक्षणों को हल्के में न लें

अक्सर लोग सोचते हैं कि पेट फूलना या बदहजमी आम बात है। लेकिन बार-बार होने वाली ये समस्याएं शरीर के अंदर चल रही गड़बड़ी का संकेत हो सकती हैं। अगर लंबे समय तक डाइजेशन खराब रहता है, तो यह हार्ट हेल्थ पर भी असर डाल सकता है। इसलिए इन लक्षणों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं।

गट हेल्थ सुधारना क्यों है जरूरी?

डॉक्टर्स का कहना है कि फाइबर से भरपूर खाना, प्रोबायोटिक फूड, संतुलित डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं। जब आंतें स्वस्थ रहती हैं, तो सूजन कम होती है और दिल भी सुरक्षित रहता है। यानी दिल को हेल्दी रखना है, तो पेट का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है।

कुल मिलाकर बात सीधी है - हमारा दिल और हमारा पेट आपस में जुड़े हुए हैं। अगर डाइजेशन बार-बार खराब हो रहा है, तो उसे छोटी समस्या समझकर टालें नहीं। सही समय पर ध्यान देना ही हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति से बचने में मदद कर सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

विनीत
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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