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बच्चे के स्वास्थ्य पर कैसे पड़ता है पिता के लाइफस्टाइल और खानपान का असर
आपको बता दें जब पिता जिस तरह की डाइट लेते हैं या अपने भोजन से पोषण प्राप्त करते हैं, यह उनके शुक्राणुओं कोशिकाओं के विकास में बहुत अहम भूमिका निभाता है। अगर पिता की जीवनशैली या खानपान ठीक नहीं है, तो यह बच्चे के जीन की अभिव्यक्ति को बदलने में योगदान दे सकता है, भले ही डीएनए बदले या नहीं। कुछ शोधों में यह देखा भी गया है कि जिन बच्चों के पिता के शरीर में फैट की मात्रा अधिक थी, उनकी बच्चों के शरीर में भी फैट की मात्रा अधिक होने की संभावना थी। इसके अलावा, इन बच्चों में मेटाबॉलिक रोग होने का खतरा भी अधिक था। पिता की जीवन शैली बच्चों में लिवर, किडनी, हृदय और यहां तक कि पित्ताशय संबंधी समस्याओं के जोखिम से भी जुड़ी हो सकती है। मोटापे की समस्या भी उन बच्चों में अधिक देखने को मिलती है, जिनके पिता की जीवनशैली गतिहीन और खराब खानपान वाली होती है। वहीं, अगर पिता पर्याप्त प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर नहीं लेते हैं, उनके बच्चों में मानसिक स्थितियां जैसे तनाव और चिंता आदि की अधिक संभावना होती है।
एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं?
हेल्थ एक्सपर्ट यह सुझाव होते हैं कि जब बच्चे के स्वास्थ्य की बात आती है, तो जितना महत्वपूर्ण मां का स्वास्थ्य और खानपान होता है, उतना ही पिता का भी होता है। पिता को भी अपनी जीवनशैली का खास ध्यान रखना चाहिए। उन्हें शारीरिक रूप से एक्टिव रहना चाहिए और पोषण से भरपूर आहार लेना चाहिए। यह उनके बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और भविष्य में कई गंभीर रोगों के खतरे को कम करने में मदद करेगा। माता-पिता दोनों को ही, गर्भधारण से पहले से अपनी जीवनशैली में सुधार कर लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
