हेल्थ

सेहत को भारी नुकसान पहुंचाता है बढ़ा हुआ यूरिक एसिड, लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव से होगा बचाव

How To Control Uric Acid Naturally : खानपान और लाइफस्टाइल की कमियों के चलते आज हाई यूरिक एसिड की समस्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। जिससे शरीर में कई तरह की परेशानियां पैदा होने लगती हैं। आज हम आपको लाइफस्टाइल के कुछ जरूरी बदलाव बताएंगे जो यूरिक एसिड को कंट्रोल कर सकते हैं।

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home remedies for uric acid (Photo - Canva)

How To Control Uric Acid Naturally : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत को बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। अनियमित दिनचर्या, गलत खान-पान और तनाव के चलते कई तरह की बीमारियां हमारे शरीर को जकड़ लेती हैं। 30-40 की उम्र में ही लोग शुगर, ब्लड प्रेशर, जोड़ों के दर्द, थायराइड और यूरिक एसिड जैसी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। जब तक हम अपनी सेहत की देखभाल नहीं करेंगे, तब तक इन बीमारियों से छुटकारा पाना मुश्किल है। हमारे शरीर में कई तरह के तत्व होते हैं, जिनमें से कुछ जरूरी होते हैं और कुछ हानिकारक। ऐसा ही एक तत्व है यूरिक एसिड। आज हम आपको यूरिक एसिड कम करने के कारगर उपाय बताने जा रहे हैं।

कैसे बनता है यूरिक एसिड?

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, यूरिक एसिड शरीर में तब बनता है जब हम जो खाना खाते हैं, उसमें मौजूद प्यूरिन नाम के तत्व टूटते हैं। प्यूरिन मांस, मछली, दालें, मशरूम, पालक, चाय, कॉफी, शराब और कुछ खास तरह की चीजों में पाया जाता है। जब यह टूटता है, तो यूरिक एसिड बनता है, जिसे शरीर हमारी किडनी के जरिए बाहर निकाल देता है। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा बनने लगे या किडनी उसे सही तरीके से बाहर न निकाल पाए, तो यह खून में जमा होने लगता है। यही स्थिति हाइपरयूरिसीमिया कहलाती है, और इसका असर धीरे-धीरे हमारे जोड़ों पर पड़ने लगता है।

यूरिक एसिड से होने वाली समस्याएं

आईएएनएस की खबर की मानें तो, यूरिक एसिड बढ़ने पर सबसे पहले असर जोड़ों पर होता है। घुटनों, एड़ियों, पैरों के अंगूठे या उंगलियों में दर्द, सूजन, जलन, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इस स्थिति को गठिया कहा जाता है। समय रहते ध्यान न देने पर यूरिक एसिड किडनी स्टोन, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

यूरिक एसिड कम करने के उपाय

ऐसे में सवाल आता है कि यूरिक एसिड को कंट्रोल कैसे करें? इसका सबसे आसान और असरदार तरीका है अपने खान-पान और जीवनशैली में थोड़ा सा बदलाव करके।

खानपान में करें बदलाव

सबसे पहले हमें ऐसी चीजें खाने से बचना चाहिए जिनमें प्यूरिन ज्यादा हो। तले-भुने, मसालेदार और बहुत ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन से भी दूरी बनानी चाहिए। इसकी जगह हल्का और संतुलित खाना खाएं। हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, फाइबर युक्त चीजें और विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, आंवला, और अमरूद को अपने आहार में शामिल करें।

पानी पीना बहुत जरूरी है। दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं ताकि शरीर से यूरिक एसिड आसानी से बाहर निकल सके। साथ ही, नारियल पानी, नींबू पानी और हल्का गर्म पानी पीना भी फायदेमंद होता है।

आईएएनएस की खबर के मुताबिक, कुछ घरेलू नुस्खे भी यूरिक एसिड को घटाने में मदद कर सकते हैं, जैसे एक चम्मच अजवाइन रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट पीना। वहीं एक गिलास पानी में दो चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर दिन में दो बार पीना। इसके अलावा, आधा चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास पानी में मिलाकर दिन में एक-दो बार लेना या फिर कच्चा पपीता उबालकर उसका पानी पीना भी यूरिक एसिड में लाभकारी माना जाता है।

एक्सरसाइज का भी सहारा

इसके अलावा, रोजाना व्यायाम करना भी बहुत जरूरी है। खासकर पैदल चलना, हल्की स्ट्रेचिंग या साइक्लिंग से शरीर की चर्बी कम होती है और यूरिक एसिड भी नियंत्रित रहता है। मोटापा भी यूरिक एसिड बढ़ने का एक कारण होता है, इसलिए वजन पर भी ध्यान देना जरूरी है।

नोट - अगर यूरिक एसिड बहुत ज्यादा बढ़ गया हो, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराएं।

इनपुट - आईएएनएस

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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