भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर ने वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का सबसे महान और संपूर्ण खिलाड़ी बताया है। इंजीनियर ने कहा कि मैदान पर शायद ही कोई ऐसा काम रहा हो जिसे सोबर्स किसी भी दूसरे खिलाड़ी से बेहतर तरीके से नहीं कर सकते थे। शुक्रवार को गैरी सोबर्स का निधन हो गया। उनके जाने से क्रिकेट जगत ने एक ऐसी शख्सियत खो दी है जिसकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करेगी। अपनी हरफनमौला प्रतिभा के लिए मशहूर सोबर्स को क्रिकेट का सबसे बहुमुखी खिलाड़ी माना जाता है।
इंजीनियर ने सोबर्स को कहा संपूर्ण क्रिकेटर
लंदन से पीटीआई से बात करते हुए फारुख इंजीनियर ने कहा, "आज तक वह दुनिया के सबसे संपूर्ण क्रिकेटर थे। उनके निधन से पूरा क्रिकेट जगत शोक में है। वह सिर्फ मेरे अच्छे दोस्त ही नहीं थे, बल्कि उन्हें जानने वाला हर शख्स उनकी कमी महसूस करेगा। अभी मेरी वेस हॉल और सोबर्स की पत्नी से बात हुई। पूरे बारबाडोस में गम का माहौल है।" इंजीनियर ने सोबर्स को बारबाडोस का सच्चा राजदूत बताया। उन्होंने कहा, "मेरी नजर में दुनिया ने उनसे बड़ा ऑलराउंडर न देखा है और न ही मैं कभी ऐसे खिलाड़ी के साथ खेला। वह हर विभाग में बेस्ट थे। कैच पकड़ना, तेज गेंदबाजी, स्विंग, स्पिन और बल्लेबाजी, सबमें उनका कोई सानी नहीं था।"
बाएं हाथ के बल्लेबाज सोबर्स तेज गेंदबाजी, लेफ्ट आर्म पेस और स्पिन तीनों कर लेते थे। टेस्ट में उनके नाम 235 विकेट हैं। एकमात्र वनडे में भी उन्होंने एक विकेट लिया था। साथ ही वह जबरदस्त फील्डर भी थे। विश्व एकादश में सोबर्स के साथ खेल चुके इंजीनियर ने कहा, "रोहन कन्हाई, ग्राहम पोलॉक, बैरी रिचर्ड्स, सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाज हुए, लेकिन गैरी की बराबरी कोई नहीं कर सका।" उन्होंने मेलबर्न टेस्ट को याद करते हुए बताया, "जब उन्होंने दोहरा शतक लगाया था, तब मैं लंबे समय तक नॉन-स्ट्राइकर एंड पर था। उनकी गेंदबाजी पर मैंने कई कैच लपके और स्टंपिंग की। मैं हमेशा उनसे कहता था, 'शानदार कैच, सर्बी... ऐसे ही करते रहो'।"
सोबर्स के सबसे करीब थे फारूख इंजीनियर
दोनों की दोस्ती मैदान के बाहर भी गहरी थी। इंजीनियर ने कहा, "उनके साथ खेलना और समय बिताना शानदार था। उन्हें पार्टियां पसंद थीं और मुझे भी। हमने कई क्रिसमस साथ मनाए।" उन्होंने गावस्कर के साथ गोल्फ का किस्सा भी सुनाया। "गावस्कर बार-बार गेंद मिस कर रहे थे। तब गैरी ने उनके कंधे पर हाथ रखकर मजाक में कहा, 'यह ऐसा खेल है, जिसमें गेंद को हवा में मारने की पूरी छूट है'।" इंजीनियर ने बताया कि शायद ही कोई भारतीय टेस्ट क्रिकेटर सोबर्स के इतने करीब रहा हो। "जब मैंने 'ऑल इंडिया यूनिवर्सिटीज' से वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे तेज शतकों में से एक लगाया था, तब वेस हॉल, चार्ली ग्रिफिथ, लांस गिब्स जैसे गेंदबाज थे। शतक के बाद सबसे पहले बधाई देने वाले सोबर्स ही थे। हालांकि आखिर में उन्होंने ही मुझे आउट भी किया। वहीं से हमारी दोस्ती और गहरी हो गई।"
