High cholesterol: शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल का बढ़ना एक गंभीर समस्या है। इसकी वजह से स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम तरह की समस्याएं होती है। कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से खून की नसों में ब्लॉकेज और धमनियों में रुकावट या क्षति हो सकती है जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए जरूरी होता है लेकिन कोलेस्ट्रॉल लेवल का बहुत ज्यादा बढ़ जाना जानलेवा साबित हो सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से सीने में जकड़न, सांस की तकलीफ, जबड़े में दर्द आदि जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ये सारे हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि कोलेस्ट्रॉल होता क्या है। दरअसल कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा पदार्थ होता है, जो खून में मौजूद होता है। खून की नसों में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से शरीर में ब्लड फ्लो धीमा हो जाता है जो ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का कारण बनता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल के कई लक्षण दिखाई देते हैं। वैसे तो कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने पर पसीना आना, थकान होना, कमजोरी होना, भूख न लगना आदि जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। लेकिन अब हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण आंखों पर भी दिखाई देने लगे है। कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से आंखों के रंग में बदलाव, पलकों का दिखना, दृष्टि में काली रेखाएं दिखने लगती है। हाई कोलेस्ट्रॉल में सबसे पहले आंखों की रोशनी पर असर देखने को मिलता है। धुंधली दृष्टि, कॉर्निया के चारों ओर ग्रे, सफेद और पीला होना, आपकी आंखों के चारों ओर पीले धब्बे, ये सभी हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेत हैं। डॉ. लब्धि शाह, एम.एस नेत्र रोग विशेषज्ञ और न्यूरो-नेत्र रोग विशेषज्ञ, आईकोनिक आई क्लिनिक, अहमदाबाद ने आंखों में कोलेस्ट्रॉल के कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में बताया है। यहां जानें
हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण
पहला लक्षण xanthelasma
कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने पर आंखों से जुड़ा पहला लक्षण जो कई लोगों में देखने को मिलता है वो है xanthelasma। xanthelasma में आंखों के आसपास पीलापन हो जाता है। ये स्किन के नीचे जमे कोलेस्ट्रॉल की वजह से होता है। हालांकि, इस स्थिति में दृष्टि प्रभावित नहीं होती है। xanthelasma से पीड़ित लगभग 50 प्रतिशत लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल होता है। यह स्थिति आमतौर पर धूम्रपान करने वाले, अधिक वजन वाले, उच्च रक्तचाप और मधुमेह वाले लोगों में देखने को मिलती है।दूसरा लक्षण Retinal vein occlusion
Retinal vein occlusion में आंखों की खून की नसों में ब्लॉकेज हो जाती है और इससे कई गंभीर दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।इस स्थिति के लक्षण हैं:
• एक आंख की दृष्टि में परिवर्तन
• एक आंख में धुंधली दृष्टि
• दृष्टि में गहरी रेखाएं या धब्बे (फ्लोटर्स)
• प्रभावित आंख में दर्द
यह स्थिति 50 या उससे अधिक उम्र के लोगों में आम है। यह आमतौर पर उन लोगों में भी होता है जिन्हें मधुमेह, ग्लूकोमा, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी होती है।
तीसरा लक्षण Arcus senilis
Arcus senilis में आंख के सामने के भाग के चारों ओर नीले, सफेद या हल्के भूरे रंग का छल्ले बन जाते हैं। यह स्थिति कॉर्निया के ऊपर या नीचे से शुरू हो सकती है और समय के साथ बिगड़ती रहती है। लेकिन आंख के सामने के भाग के चारों तरफ के घेरे दृष्टि को प्रभावित नहीं करते हैं। ये स्थिती ज्यादातर मध्यम आयु वर्ग के लोगों में देखने को मिलती है।इलाज
आंखों के आसपास जमा कोलेस्ट्रॉल को ऑपरेशन के जरिए हटाया जा सकता है।इन सर्जिकल ऑपशन की मदद से कोलेस्ट्रॉल को हटाया जा सकता है:
• कार्बन डाइऑक्साइड और आर्गन लेजर ऑपरेशन
• सर्जिकल एक्सीजन
• केमिकल कॉटराइजेशन
• क्रायोथेरेपी
वहीं कुछ मामलों में, डॉक्टर ब्लड में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए दवाएं भी देते हैं। ऐसे में हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल होने पर पहले डॉक्टर से संपर्क करें।
