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सेहत मंत्र: छुपा हुआ दुश्मन है ज्यादा नमक, जानें कैसे चुपके से खाने में बढ़ जाती है Salt की डोज, कैसे करें कंट्रोल

Jyada Namak Kyon Hai Khatarnaak: क्या आप भी रोज ज्यादा नमक खा रहे हैं? ICMR की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय औसतन WHO बताई तय मात्रा से दोगुना नमक ले रहे हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और किडनी फेलियर जैसी बीमारियों का कारण बन रहा है। जानिए कैसे डेली डाइट में छुपा नमक बन रहा है सेहत के लिए खतरा और कैसे आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं। आज के इस लेख में हम नमक से जुड़े सभी जरूरी तथ्य, असर और बचाव के आसान तरीके जानेंगे।

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स्वाद का साथी या बीमारी की जड़

हम सबकी रसोई में नमक सबसे जरूरी चीज है। बिना नमक के खाना बेस्वाद लगता है, और लगभग घर में बनने वाली डिश में इसका इस्तेमाल होता है। लेकिन क्या जानते हैं, जब इसी स्वाद के चक्कर में अगर आप जरूरत से ज्यादा नमक खाने लगते हैं, तो यह हमारी सेहत के लिए धीरे-धीरे एक साइलेंट किलर बन सकता है! इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (NIE) की ताजा रिपोर्ट में यह सामने आया है कि भारत में लोग रोजाना जितना नमक खा रहे हैं, वह सुरक्षित मात्रा से कहीं ज्यादा है।

क्या कहती है ICMR और WHO की ताजा रिपोर्ट (ICMR Report on Salt Consumption in India)

भारत में नमक के सेवन को लेकर ICMR और NIE की हालिया रिपोर्ट की मानें तो देश में एक आम व्यक्ति रोज 10 ग्राम या उससे ज्यादा नमक खा रहा है, जबकि WHO ने साफ कहा है कि एक व्यक्ति को दिन में अधिकतम 5 ग्राम नमक ही लेना चाहिए। यानी हम रोज लगभग दोगुनी मात्रा में नमक का सेवन कर रहे हैं। यह एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की तरफ इशारा करता है, जिसे 'साइलेंट महामारी' कहा जा सकता है।

यह ज्यादा नमक सीधे हमारी धमनियों (Blood Vessels) पर असर करता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

दिन में कितना नमक है सही

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो एक व्यक्ति को दिनभर में सिर्फ 5 ग्राम तक ही नमक खाना चाहिए, इससे ज्यादा नहीं। लेकिन ताजा रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि भारत में औसतन लोग 10 ग्राम या उससे ज्यादा नमक खा रहे हैं। यह आदत लोगों को धीरे-धीरे हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियां, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का शिकार बना रही है। डराने वाली बात ये है कि इन बीमारियों का असर धीरे-धीरे और बिना लक्षण के शुरू होता है। इसलिए अब वक्त आ गया है कि आप नमक के सेवन को लेकर सजग बनें और स्वाद के बजाए सेहत को चुनें।

सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत के लिए खाएं नमक

नमक से आपके खाने का स्वाद भले ही बढ़ सकता है, लेकिन जब इसका इनटेक जरूरत से ज्यादा बढ़ता है तो यह हमारे शरीर में जहर के समान असर करने लगता है। अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद में इंटरनल मेडिसिन विभाग के सीनियरल कंसल्टेंट डॉ. मोहित शर्मा के अनुसार, हमारे शरीर को नमक (सोडियम) की थोड़ी मात्रा की जरूरत होती है, लेकिन ज्यादा सोडियम ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और दिल व किडनी पर दबाव डालता है। सबसे बड़ी समस्या ये है कि हममें से बहुत से लोग ये मानते ही नहीं हैं कि वे ज्यादा नमक खा रहे हैं, जबकि वे रोजाना अनजाने में दोगुनी मात्रा में नमक ले रहे हैं।

सिर्फ स्वाद नहीं सेहत के लिए खाएं नमक

सिर्फ स्वाद नहीं सेहत के लिए खाएं नमक

ज्यादा नमक खाने से होने वाली बीमारियां (Diseases Caused by Excess Salt Intake)

जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन बहुत खतरनाक होता है क्योंकि यह हृदय पर सीधा असर डालता है। हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर आशीष कुमार (सीनियर कंसल्टेंट - कार्डियोलॉजी) का कहना है कि जब हम लगातार ज्यादा नमक खाते हैं, तो शरीर के अंदर कई समस्याएं चुपचाप शुरू हो जाती हैं। सबसे आम और खतरनाक बीमारी है हाई ब्लड प्रेशर (BP)। यह दिल की धड़कनों को अनियमित कर सकता है और स्ट्रोक व हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

इसके अलावा, ज्यादा नमक किडनी पर दबाव डालता है, जिससे किडनी फेलियर की संभावना बढ़ जाती है। ज्यादा नमक कैल्शियम को शरीर से बाहर निकालता है, जिससे हड्डियों में कमजोरी आने लगती है। कई बार ये नमक डिहाइड्रेशन, सूजन, सिरदर्द और थकावट का कारण भी बनता है।

ज्यादा नमक से होने वाली  बीमारियां

ज्यादा नमक से होने वाली बीमारियां

ज्यादा नमक को साइलेंट किलर क्यों कहा जाता है (Why Salt is Called a Silent Killer)

डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि ज्यादा नमक से जो बीमारियां होती हैं, उनके तुरंत लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। यानी शुरू में न कोई दर्द होता है, न कोई असुविधा, बल्कि धीरे-धीरे ये बीमारियां शरीर में अंदर ही अंदर बढ़ती रहती हैं। जब तक मरीज को कुछ समझ आता है, तब तक हालत गंभीर हो चुकी होती है।

इसीलिए डॉक्टर और हेल्थ एजेंसियां इसे ‘Silent Killer’ कहती हैं। यह एक खामोश लेकिन घातक खतरा है, जो आज भारत की बड़ी जनसंख्या को प्रभावित कर रहा है।

किन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है अधिक नमक

ज्यादा नमक हर किसी के लिए नुकसानदेह है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह खतरा और ज्यादा गंभीर हो सकता है जैसे,

  • हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोग
  • डायबिटीज के मरीज
  • 50 साल से ज्यादा उम्र के लोग
  • कम शारीरिक गतिविधि करने वाले लोग इस खतरे के दायरे में सबसे पहले आते हैं।
इसके अलावा जो लोग अधिक बाहर का खाना खाते हैं, खासकर प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड्स वो भी रोजाना अनजाने में बहुत ज्यादा नमक खा रहे होते हैं।
किन लोगों के लिए नमक खतरनाक

किन लोगों के लिए नमक खतरनाक

डेली डाइट में 'छुपा हुआ नमक' है सबसे ज्यादा खतरनाक

डॉक्टर्स का कहना है कि तो आजकल हम में से बहुत से लोग सोचते हैं कि हम ज्यादा नमक नहीं खाते, लेकिन असल में हमारा डेली डाइट ही नमक से भरा हुआ है। हम रोज भोजन के अलावा कई ऐसी चीजें खाते हैं, जिनमें भर-भरकर नमक होता है जैसे,

  • चिप्स, नमकीन
  • अचार, पापड़
  • केक, ब्रेड, बिस्किट जैसे बेकरी आइटम्स
  • इंस्टैंट नूडल्स
  • प्रोसेस्ड सूप, फ्रोजन फूड्स
  • बाहर के फास्ट फूड

इन सभी फू्ड्स में पहले से ही छिपा हुआ सोडियम बहुत अधिक होता है। इसकी वजह से जाने-अनजाने में अपने दैनिक नमक के इनटेक से अधिक सेवन करते हैं। इन फूड्स में नमक अधिक होने के बावजूद हमें कम महसूस होता है, लेकिन इनमें सोडियम इतना ज्यादा होता है कि इससे पूरी दिन की लिमिट पार हो सकती है। यही कारण है कि हम अनजाने में ही रोज 10 ग्राम या उससे ज्यादा नमक खा जाते हैं।

डेली डाइट में छुपा हुआ नमक

डेली डाइट में छुपा हुआ नमक

डेली डाइट में नमक का इनटेक कैसे कंट्रोल करें (How to Reduce Salt Intake in Daily Life)

अपनी डेली डाइट में नमक कम करना मुश्किल नहीं है, बस इसके लिए आपको थोड़ी सी आदत बदलने की जरूरत है। डॉक्टर आशीष कुमार का कहना है कि आपको अपने खान-पान की बातों में कुछ चीजों का बहुत खास ध्यान रखना है जैसे-

  • सबसे पहले तो खाने में ऊपर से नमक डालना बंद करें। ये सबसे आम आदत है जिससे नमक की मात्रा डबल हो जाती है।
  • इसके अलावा पैकेट वाले फूड्स जैसे नमकीन, चिप्स, अचार, प्रोसेस्ड मीट और सॉस का सेवन कम करें।
  • अपने भोजन को स्वाद से नहीं, सेहत से जोड़कर देखें। नींबू, काली मिर्च, हर्ब्स और मसालों से भी स्वाद बढ़ाया जा सकता है।
  • घर में अगर संभव हो तो कम सोडियम वाला नमक अपनाएं। बच्चों को शुरू से कम नमक वाली डाइट की आदत डालें।
  • हफ्ते में एक दिन नमक-फ्री डाइट ट्राय करें।
  • सबसे जरूरी है कि बीपी और किडनी की नियमित जांच जरूर कराते रहें।
नमक का इनटेक कैसे कम करें

नमक का इनटेक कैसे कम करें

कैसे जानें कि कितना नमक खा रहे हैं आप? (How to Track Your Daily Salt Consumption)

आपको बता दें कि हमारे किचन की एक छोटी चम्मच में लगभग 5 ग्राम नमक आता है। इस लिमिट को आपको हमेशा ध्यान रखना चाहिए।

  • अगर आप रोज दो टाइम घर का खाना खाते हैं, तो कोशिश करें कि खाने में ज्यादा नमकीन चीजें ना हों।
  • पैकेट वाले फूड खरीदते वक्त न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ें, उसमें सोडियम की मात्रा लिखी होती है।
  • आजकल कई हेल्थ ऐप्स और स्मार्टवॉच में सोडियम ट्रैकिंग का फीचर आता है, उसका इस्तेमाल करके आप अपनी डेली इनटेक पर नजर रख सकते हैं।

सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियों की भूमिका (Public Awareness on Salt Intake in India)

डॉक्टर सुझाव देते हैं कि सरकार और हेल्थ एजेंसियों को चाहिए कि वे नमक के प्रति जागरूकता को मिशन के तौर पर चलाएं। जिस तरह सरकार ने समोसा-जलेबी को लेकर शुगर और कैलोरी बोर्ड प्रस्ताव दिया है, उसी तरह पैकेज्ड फूड्स पर High Salt का लेबल अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि लोग खरीदते समय सावधान रहें।'

स्कूल हो, कॉलेज या ऑफिस, सभी जगह कम नमक वाले हेल्दी फूड्स को ही बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, नमक के सेवन को लेकर सोशल मीडिया और टीवी पर जागरूकता अभियान जरूरी हैं, ताकि आम लोग इसके खतरे को समझ सकें।

नमक जरूरी मगर सीमित मात्रा में ही अच्छा

नमक हमारे शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा हो जाए तो यही जहर बन जाता है। ज्यादा नमक धीरे-धीरे हमारी सेहत को अंदर से खोखला कर रहा है और हमें बिना बताए गंभीर बीमारियों की ओर ले जा रहा है। अपने और अपने परिवार के लिए छोटी-छोटी आदतों को बदलकर बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

याद रखें- 'स्वाद से ज्यादा जरूरी है सेहत। इसलिए आज नमक सीमित करें, ताकि कल अस्पताल की जरूरत ना पड़े।'

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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