High Calorie Snacks: परांठा-पूरी छोड़कर हेल्दी ब्रेकफास्ट तो शुरू कर दिया लेकिन, जिन खाने-पीने की चीजों को आप हेल्दी समझकर ज्यादा खा रहे हैं उनके पीछे की असली सच्चाई से शायद ही आप वाकिफ होंगे। सुबह स्मूदी बनानी शुरू कर दी, चिप्स-फ्राइज को अलविदा कह दिया। फिर भी वजन वहीं का वहीं। ऐसा बहुत लोगों के साथ होता है। वजह ये है कि सिर्फ हेल्दी लिखा होना काफी नहीं होता है असली बात है आप क्या और कितना खा रहे हैं।
नट्स और नट बटर: नट्स में अच्छे फैट और प्रोटीन होते हैं, इसलिए ये हेल्दी माने जाते हैं। लेकिन ये छोटी-छोटी कैलोरी बम भी हैं। बस एक छोटी मुट्ठी में 150–200 कैलोरी आराम से हो जाती है। नट बटर तो और भी खतरनाक है। एक चम्मच लिया, फिर थोड़ा और और पता ही नहीं चलता कि आधा जार खत्म। हेल्दी हैं, लेकिन ज्यादा खा लिए तो वजन बढ़ना तय है।
स्मूदी और फ्रूट जूस: स्मूदी सुनते ही लगता है कि वाह, कितना अच्छा ऑप्शन है। लेकिन उसमें ढेर सारे फल, मीठा दही और ऊपर से शहद डाल दिया, तो वो हेल्दी ड्रिंक नहीं, शुगर बम बन जाती है। फ्रूट जूस तो और भी चालाक है। उसमें फल का फाइबर नहीं रहता, सिर्फ शुगर और कैलोरी बचती है। और सबसे बड़ी बात—लिक्विड कैलोरी पेट नहीं भरती। थोड़ी देर बाद फिर भूख लगती है और आप कुछ ना कुछ स्नैक कर लेते हैं।
ड्राई फ्रूट्स: ड्राई फ्रूट्स भी हेल्दी लगते हैं, लेकिन असल में ये वही फल होते हैं जिनका पानी निकाल दिया गया है। मतलब शुगर और कैलोरी ज्यादा कंसंट्रेटेड हो जाती है। एक मुट्ठी किशमिश या सूखा आम कई पूरे फलों जितनी शुगर दे सकता है। ऊपर से छोटे-छोटे और मीठे होते हैं, तो कब ज्यादा खा लिए, पता ही नहीं चलता।
कम वसा वाला फ्लेवर्ड दही: कम वसा शब्द कई लोगों को भ्रमित कर देता है, लेकिन फ्लेवर्ड दही में आमतौर पर वसा की जगह चीनी मिलाई जाती है। यह अतिरिक्त चीनी प्रोटीन की तरह पेट नहीं भरती और भूख बढ़ा सकती है, जिससे आप योजना से ज्यादा स्नैक्स खा सकते हैं। सादा, ज्यादा प्रोटीन वाला दही आमतौर पर बेहतर विकल्प होता है।
फैंसी ब्रेकफास्ट सीरियल: डिब्बों पर मल्टीग्रेन या फिटनेस जैसे शब्दों वाले रंग-बिरंगे, हेल्दी सीरियल में अक्सर बहुत ज्यादा चीनी और नाममात्र का फाइबर होता है। ये आपके ब्लड शुगर को बढ़ा देते हैं, और फिर एक घंटे बाद भूख लगने लगती है। और सच कहें तो, कोई भी छोटी सर्विंग को नापकर नहीं खाता। कटोरी हमेशा बड़ी ही लगती है।
