Bone Health Tips: हमारे शरीर का भार हमारी हड्डियों पर होता है। इसलिए हड्डियों का मजबूत होना बहुत जरूरी है। जन्म के 20 साल बाद तक हड्डियों का पूर्ण विकास होता है। उसके बाद हड्डियों का विकास बहुत धीमा होता है। लेकिन 30 साल बाद यह पूरी तरह बंद हो जाता है। हड्डियां जितनी मजबूत होंगी, बुढ़ापे में आपको हड्डियों की समस्याएं उतनी ही कम होंगी और आप स्वस्थ रहेंगे। बढ़ती उम्र में हड्डियों को फिट रखने के लिए जवानी में हानिकारक चीजों के सेवन से बचें।
यही कारण है कि युवावस्था में उचित आहार लेना जरूरी है । 30 साल की उम्र के बाद अगर उचित आहार न लिया जाए तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं । साथ ही आपको ऑस्टियोपोरोसिस, बोन कैंसर, बोन इंफेक्शन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हड्डी के स्वास्थ्य के लिए सबसे खराब भोजन
मजबूत हड्डियों और हड्डियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम। प्रोटीन और विटामिन डी की जरूरत होती है। ये सभी पोषक तत्व हमें अच्छी डाइट से मिलते हैं। लेकिन हाल ही में गलत आहार के कारण शरीर को यह पोषक तत्व कम मात्रा में मिल रहा है और हड्डियों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। कम उम्र में भंगुर हड्डियां कई अन्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कौन से खाद्य पदार्थ हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
नमकीन खाद्य पदार्थों से परहेज
साल 2016 में एशिया पैसिफिक जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, चीन में जिन लोगों ने अधिक नमक का सेवन किया था, उनमें ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ गया था। इस रोग में हड्डियां पतली और बेजान हो जाती हैं। साथ ही नमकीन खाना खाने से उसमें मौजूद कैल्शियम कम होने लगता है। ब्रेड रोल, पिज्जा, सैंडविच, सूप। पनीर, पॉपकॉर्न, चिप्स, ताशा फरसान, अंडे और ऑमलेट में नमक की मात्रा अधिक होती है। इन खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन से हड्डियों में कैल्शियम की कमी हो सकती है। मजबूत हड्डियों के लिए भोजन से परहेज करें
बहुत अधिक चीनी खाना
पबमेड सेंट्रल अध्ययन के अनुसार, कैल्शियम यदि आहार में उच्च चीनी वाले खाद्य पदार्थ शामिल हैं। मैग्नीशियम और पोटेशियम मूत्र में उत्सर्जित होते हैं। इससे कैल्शियम को अवशोषित करने में कठिनाई होती है। चॉकलेट, पेस्ट्री, केक, प्रोसेस्ड फूड जैसे सॉस और मिठाइयां कम मात्रा में खानी चाहिए। यह न केवल हड्डियों को प्रभावित करता है बल्कि मधुमेह का कारण भी बन सकता है।
सोडा और कैफीन
द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में साल 2014 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि सोडा का सेवन करने वाली 73,000 महिलाओं में हिप फ्रैक्चर का खतरा बढ़ गया। सोडा जैसे कार्बोनेटेड पेय में कैफीन की मात्रा अधिक होती है। एक अध्ययन के अनुसार शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ने से हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है या हड्डियां भंगुर हो जाती हैं।
शराब का सेवन
शराब का सेवन हमेशा शरीर के लिए हानिकारक होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थराइटिस एंड मस्कुलोस्केलेटल के एक अध्ययन के अनुसार, शराब पीने या शराब पीने से शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम के अवशोषण में बाधा उत्पन्न होती है। हाल ही में बदलती जीवनशैली के कारण आहार पर ध्यान नहीं दिया जाता है। जंक फूड खासकर प्रोसेस्ड फूड जैसे पिज्जा, पेस्ट्री, केक, सोडा का सेवन युवाओं में बढ़ने लगा है। जिस उम्र में हड्डियां मजबूत होती हैं। उसी उम्र में गलत खान-पान का सेवन करने से भविष्य में इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इससे जल्द ही हड्डियों के रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए 20 से 30 साल की उम्र के लोगों को हड्डियों की मजबूती के लिए उचित आहार लेने की जरूरत होती है। इसमें बेशक दूध और दूध से बने पदार्थ जैसे दही, घी, पनीर का सेवन करना चाहिए। खाने में सोयाबीन और रागी शामिल करें ये भी हड्डियों की मजबूती के लिए पौष्टिक आहार हैं। साथ ही पर्याप्त धूप और व्यायाम से हड्डियों को मजबूत रखने में मदद मिलेगी।
