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Hantavirus: देश में हंता वायरस के मामलों को लेकर भारत सरकार अलर्ट, हेल्थ मिनिस्ट्री ने बढ़ाई मॉनिटरिंग

क्रूज शिप MV Hondius पर सामने आए हंता वायरस संक्रमण के मामलों के बाद भारत सरकार अलर्ट मोड में है। स्वास्थ्य मंत्रालय, WHO, NCDC और IDSP के साथ मिलकर लगातार निगरानी कर रहा है। जहाज पर दो भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं, जिन्हें एहतियातन मॉनिटरिंग में रखा गया है।

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हंता वायरस को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट मोड में

क्रूज शिप MV Hondius पर सामने आए हंता वायरस संक्रमण के मामलों के बाद भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले (hantavirus cases) की गंभीरता को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है और WHO समेत कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक जहाज पर कई संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ की पुष्टि भी हो चुकी है। हालांकि WHO ने फिलहाल इसे कम खतरे वाला बताया है, लेकिन वायरस की लंबी incubation period को देखते हुए स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्कता बरत रही हैं।

क्रूज शिप पर मिले हंतावायरस के मामले

सूत्रों के मुताबिक, क्रूज़ शिप MV Hondius पर हंता वायरस संक्रमण के 8 संभावित मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इनमें से 5 मामलों की लैब में पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3 लोगों की मौत भी हुई है। इस घटना की जानकारी WHO को मई के पहले सप्ताह में दी गई थी।

WHO और भारतीय एजेंसियां रख रहीं नजर

इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) और WHO मिलकर लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (IHR) के तहत संक्रमण की जांच, यात्रियों की निगरानी और आगे की यात्रा से जुड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

कौन-सा वायरस स्ट्रेन मिला?

WHO के अनुसार, इस मामले में Andes strain का हंतावायरस पाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस इंसान से इंसान में बहुत सीमित स्तर पर फैलता है। संक्रमण फैलने के लिए लंबे समय तक बेहद करीबी संपर्क की जरूरत होती है। फिलहाल WHO ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए “लो रिस्क” यानी कम खतरे वाला माना है।

दो भारतीय नागरिक भी जहाज पर मौजूद

जानकारी के मुताबिक जहाज पर दो भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं। राहत की बात यह है कि दोनों में फिलहाल किसी तरह के लक्षण नहीं पाए गए हैं। फिर भी एहतियात के तौर पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत निगरानी में रखा गया है।

हाई लेवल मीटिंग में तैयारियों की समीक्षा

स्थिति को देखते हुए IDSP और NCDC के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (PHEOC) ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक भी की। बैठक में तैयारियों, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई।

सरकार ने कहा- पूरी तरह सतर्क हैं

स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। WHO और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय जारी है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी सभी स्वास्थ्य कदम उठाए जा रहे हैं।

bhawana gupta
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

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