हेल्थ

ओरल हेल्थ से आगे की कहानी, क्यों दातुन को कहा जाता है संपूर्ण सेहत का सच्चा साथी

Datun Ke Fayde : दातुन सदियों से दांतों की मजबूती का भरोसेमंद उपाय रही है। यह न सिर्फ ओरल हेल्थ को बेहतर बनाती है, बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों, खासकर आंखों की सेहत से भी जुड़ी मानी जाती है। प्राकृतिक गुणों से भरपूर दातुन आज भी संपूर्ण स्वास्थ्य का सरल उपाय है।

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दातुन के फायदे

Datun Ke Fayde : सदियों से दांतों की मजबूती के लिए दातुन का इस्तेमाल होता आया है। हमारे बड़े बुजुर्गों के दांतों की सेहत का राज भी दातुन रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दातुन सिर्फ ओरल हेल्थ के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि इसका संबंध आंखों की अच्छी सेहत से भी है? आयुर्वेद में दातुन को मुख का संरक्षक माना गया है, जो पेट से लेकर आंखों तक के लिए लाभकारी है। आयुर्वेद में दातुन को टूथपेस्ट की तुलना में ज्यादा महत्व दिया जाता है क्योंकि टूथपेस्ट में कई तरह के केमिकल होते हैं, जो दांतों से लेकर पूरे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, जबकि दातुन कफ दोष को संतुलित करता है और दांतों की सफाई के साथ-साथ पूरे शरीर के स्वास्थ्य का ध्यान रखता है। आज हम आपको दातुन के चमत्कारी फायदों के बारे में बताएंगे।

बेहतर पाचन तंत्र

दातुन का कनेक्शन पाचन तंत्र से भी होता है। जब हम सुबह-सुबह दातुन को चबाते हैं तो मुंह में मौजूद लार में दातुन के कसैले गुण मिल जाते हैं और लार पेट में जाकर पाचन अग्नि को ठीक करने में मदद करती है। इससे पेट से जुड़ी परेशानी जैसे कब्ज और एसिडिटी कम होती है और खाना पचने की प्रक्रिया भी तेजी से होती है।

बढ़ेगी आंखों की रोशनी

दूसरा, दातुन से आंखों की रोशनी भी प्रभावित होती है। दांतों की नसों का सीधा संबंध मस्तिष्क और आंखों से होता है, और जब दातुन को चबाया जाता है तो आंखों की नसों पर प्रभाव पड़ता है और वे सुचारू रूप से काम करती हैं। इससे आंखों की रोशनी भी तेज होती है।

ओरल हेल्थ में लाभ

तीसरा, दातुन मुंह की ओरल हेल्थ के लिए लाभकारी होती है। अगर मसूड़ों में खून आता है, दर्द होता है, पायरिया की परेशानी है, या दांत कमजोर हैं, तो दातुन किसी दवा की तरह काम करती है। ये मसूड़ों में कसाव लाने में मदद करती है, जिससे दांतों को जड़ से मजबूती प्रदान होती है और लंबे समय तक दांत स्थिर रहते हैं।

चौथा, दातुन जीभ की सफाई करने में भी सहायक है। आयुर्वेद में दातुन के बाद लकड़ी से जीभ को भी साफ करने का विधान है, जिससे जीभ पर जमी सफेद परत हट जाती है। जीभ पर जमी परत टॉक्सिन होती है, जो मुंह में बदबू फैलाती है और कई अन्य बीमारियों के भी कारण बनती है।

अब सवाल है कि कौन सी दातुन का इस्तेमाल करना है। इसके लिए नीम की दातुन, बबूल की दातुन, अपामार्ग की दातुन और बरगद, खेर, या अर्जुन के पेड़ की दातुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सभी दातुन औषधीय गुणों से भरपूर हैं।

इनपुट - आईएएनएस

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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