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देश में H3N2 के मामले हो रहे कम, लेकिन Influenza B केसों ने बढ़ाई चिंता

  • Authored by: भावना किशोर
  • Updated Mar 15, 2023, 06:57 PM IST

Influenza B Cases: राजधानी दिल्ली में कई बड़े लैब्स में टेस्टिंग और रिसर्च जारी है। मामलों की जिनोम सीक्वेंसिंग के बाद ये साफ हो पाया है कि अब देश में इंफ्लुएंजा B नाम के वायरस के मामले बढ़ रहे हैं और H3N2 के मामले जनवरी महीने के मुकाबले घट रहे हैं। आपको बता दें कि जनवरी महीने में राजधानी में इंफ्लुएंजा B के मामले 5 फीसदी मिल रहे थे और अभी मार्च में ये आंकड़ा 30 से 40 फीसदी तक हो गया है।

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Influenza B Cases

Photo : iStock

Influenza B Cases: देश में 3 साल पहले कोरोना (Corona) ने दस्तक दी और हम सबने उसका सामना किया है। अब ये हम सबके लिए एक आम बात हो गई है और इससे ज्यादा आम हो गया है रोजाना नए-नए वेरिएंट (Variant) के नाम सुनना। भारत में जुकाम, सर्दी, खांसी बदलते मौसम के साथ हर घर में लोगों को परेशान करती रही है, लेकिन अब इसे अलग-अलग वेरिएंट के साथ जोड़ा जा रहा है। डॉक्टर (Doctor) के परामर्श के बिना दवाएं नहीं लेने की सलाह दी जा रही है।

हाल में H3N2 इंफ्लुएंजा (H3N2 Influenza) ने देश में हड़कंप मचाया हुआ है, लेकिन अब इंफ्लुएंजा B भी लोगों के परेशानी का सबब बनता हुआ नजर आ रहा है। H3N2 इंफ्लुएंजा से अब तक देश में 3 मौतें हो चुकीं है और सूत्रों की मुताबिक जिनकी मौत हुई है वो और भी दूसरी समस्याओं से ग्रस्त थे। डॉक्टर्स की मानें तो H3N2 इंफ्लुएंजा ज्यादा खतरनाक है और गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोग अगर इसकी चपेट में आते हैं तो उनके लिए खतरा ज्यादा हो सकता है।

इंफ्लुएंजा B नाम के वायरस की हो रही है देश में चर्चा

दिल्ली के स्टार लैब के डायरेक्टर डॉक्टर समीर भाटी ने टाइम्स नाउ नवभारत से बताया की उनके लैब अब नए मामले इंफ्लुएंजा B के ज्यादा डिटेक्ट हो रहे हैं। अलग-अलग नए वेरिएंट को लेकर रिसर्च भी जारी है।

अब H3N2 नहीं इंफ्लुएंजा B ने मचाया कोहराम

राजधानी दिल्ली में कई बड़े लैब्स में टेस्टिंग और रिसर्च जारी है। मामलों की जिनोम सीक्वेंसिंग के बाद ये साफ हो पाया है कि अब देश में इंफ्लुएंजा B नाम के वायरस के मामले बढ़ रहे हैं और H3N2 के मामले जनवरी महीने के मुकाबले घट रहे हैं। आपको बता दें कि जनवरी महीने में राजधानी में इंफ्लुएंजा B के मामले 5 फीसदी मिल रहे थे और अभी मार्च में ये आंकड़ा 30 से 40 फीसदी तक हो गया है। दिल्ली में H3N2 के मामले घट रहे हैं, लेकिन इंफ्लुएंजा B के मुकाबले H3N2 से ज्यादा खतरनाक हैं।

डॉक्टर्स और वैज्ञानिकों के मुताबिक किसी भी इंसान को संक्रमित करने वाला इंफ्लुएंजा वायरस 3 प्रकार होते हैं: A,B C और D। इंफ्लुएंजा B की बात करें तो इसके लक्षण कुछ इस तरह से हैं: खांसी, छींक, गले में खराश, सिर दर्द, बुखार, नाक का बहना, थकावट, शरीर में दर्द। डॉक्टर्स की मानें तो इंफ्लुएंजा B गंभीर बीमारी में नहीं बदलता है। मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन बुजुर्ग छोटे बच्चे गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को ध्यान देने की जरूरत है।

इंफ्लुएंजा A और B में क्या है अंतर

इंफ्लुएंजा A से गंभीर बीमारी हो सकती है और इसके सब टाइप H3N2 और H1N1 है। वहीं इंफ्लुएंजा B गंभीर बीमारी नहीं होती है, मरीज जल्दी रिकवर हो जाते है। वहीं इंफ्लुएंजा A इंसानों के साथ पक्षियों में देखे जा सकते है। H1N1 Birds में फैलता है। इंफ्लुएंजा B सिर्फ इंसानों में फैलता है।

डॉक्टर्स की सलाह पर ही लें दवाई, एंटीबायोटिक लेने से पहले करें परामर्श

जिस तरह से नए-नए वायरस देश में दस्तक दे रहे हैं, लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासतौर पर जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोग हैं, उन्हें फ्लू की वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए। बुजुर्ग लोग बच्चे सावधानी बरतें। गर्मी के कारण बहुत सारी दिक्कतें होती हैं तो पानी ज्यादा मात्रा में पिएं। इसके अलावा बहुत सारे फल खाएं। साथ ही घर से निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। सैनिटाइजर का प्रयोग करें। अगर किसी को 3 से 5 दिन में बुखार ठीक नहीं हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी एंटीबायोटिक दवाइयों के इस्तेमाल पर डॉक्टर की सलाह लेने की राय दी है।

भावना किशोर
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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