छाती में बलगम बढ़ाने वाली गलती
Winter Foods To Avoid In Hindi: सर्दियों का मौसम भले ही पसंदीदा हो, लेकिन ये वक्त सेहत के लिए कई बार मुश्किलें भी खड़ी कर देता है। खासकर जब बात फेफड़ों और सांस की सेहत की हो, तो छोटी-छोटी गलतियां भी भारी पड़ जाती हैं। इस मौसम में कुछ ऐसे फूड्स हैं, जो भले स्वाद में अच्छे लगें, लेकिन धीरे-धीरे लंग्स को कमजोर करते हैं और शरीर में कफ बढ़ाकर निमोनिया जैसी बीमारियों को न्योता देते हैं। अगर आप भी बार-बार खांसी, बलगम या सांस की तकलीफ महसूस कर रहे हैं, तो ज़रूरी है कि इन फूड्स से तुरंत दूरी बना लें।
ठंड के मौसम में दूध, दही या चीज़ का सेवन अगर ज़्यादा किया जाए, तो शरीर में म्यूकस यानी बलगम बढ़ने लगता है। डॉक्टरों के मुताबिक, डेयरी प्रोडक्ट्स सर्दी के मौसम में शरीर को ठंडा करते हैं और गले में जकड़न या कफ की समस्या बढ़ाते हैं। जिन लोगों को पहले से सांस की दिक्कत या एलर्जी है, उनके लिए दूध और दही से दूरी बनाना बेहतर है।
सर्दी में पकौड़े, समोसे और चिप्स का मजा अलग होता है, लेकिन यही स्वाद फेफड़ों को धीरे-धीरे कमजोर कर सकता है। तली-भुनी चीजों में ट्रांस फैट और ऑयल जमा हो जाते हैं, जो शरीर में इंफ्लेमेशन यानी सूजन बढ़ाते हैं। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता घटने लगती है और निमोनिया जैसी संक्रमणों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सर्दी में ठंडे पेय, कोल्ड ड्रिंक या आइसक्रीम खाना शरीर के तापमान को अचानक घटा देता है। इससे इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है और गला व लंग्स सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठंडे पेय श्वसन नलियों में सूजन और संक्रमण का कारण बनते हैं, जो आगे चलकर निमोनिया तक पहुंच सकता है।
पिज्जा, बर्गर या नूडल्स जैसी चीजें खाने में भले लाजवाब लगती हों, लेकिन इनमें मौजूद मैदा और प्रिजर्वेटिव्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम, खांसी और छाती में जकड़न जल्दी पकड़ लेती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सर्दी में नेचुरल, गर्म और पौष्टिक खाना ही फेफड़ों को सुरक्षित रख सकता है।
सर्दियों में गाजर का हलवा और मिठाइयों का मौसम रहता है, लेकिन इनका ज़्यादा सेवन फेफड़ों की कार्यक्षमता पर असर डाल सकता है। शुगर इम्यून सिस्टम को कमजोर करती है और शरीर में बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देती है। नतीजतन संक्रमण जल्दी पकड़ लेता है और सांस की दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
कॉफी या शराब जैसी चीजें सर्दी में शरीर को गर्म जरूर करती हैं, लेकिन ये डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी का कारण बनती हैं। जब शरीर में नमी घटती है तो बलगम गाढ़ा होने लगता है और फेफड़ों में सूजन या संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ठंड में इनका सेवन सीमित रखें और ज्यादा से ज्यादा गर्म पानी पिएं।
सर्दियों में सेहत की सबसे बड़ी कुंजी है संतुलन। स्वाद के चक्कर में अगर आपने ये फूड्स अपनी डाइट में शामिल कर लिए तो इसका खामियाजा आपके लंग्स को भुगतना पड़ सकता है। डॉक्टरों का सुझाव है कि इस मौसम में गर्म, हल्का और हेल्दी खाना ही इम्यून सिस्टम को मजबूत रखता है और निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाता है। ठंड बढ़ने से पहले इन गलतियों से तौबा कर लें और फेफड़ों को सर्दी का कवच दे दें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।