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सावन में भूलकर भी न खाएं ये 4 चीजें, सेहत को हो सकता है भारी नुकसान, आस्था पर लगी है विज्ञान की मुहर

Food Tips For Sawan : सावन का पावन महीना शुरु हो चुका है, भगवान शिव को समर्पित इस माह में लोग व्रत और पूजन करते हैं। वहीं कुछ लोग खानपान को लेकर भी काफी सतर्कता बरतते हैं। ऐसे में हम आपको 4 ऐसी चीजें बताने जा रहे हैं, जो आपको सावन मास में नहीं खानी चाहिए।

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सावन में क्या-क्या नहीं खाना चाहिए

कल यानी 11 जुलाई से आस्था के पावन माह सावन की शुरुआत हो चुकी है। सावन हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना है, जो बेहद पवित्र माना जाता है। भगवान शंकर को समर्पित इस माह में शिव की पूजा करने से आपको विशेष फल मिलते हैं। इस माह का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व तो है, ये माह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफी अहम होता है। इस माह में हमारा मेटाबॉलिज्म स्लो रहता है, इसलिए कुछ खाने की चीजों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह भी दी जाती है। आज हम आपको 4 ऐसी चीजें बताने जा रहे हैं, जो आपको सावन मास में नहीं खानी चाहिए।

सावन में क्या-क्या नहीं खाना चाहिए? - What Foods to Avoid in Sawan in Hindi

पत्तेदार सब्जियां न खाएं

पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी और सरसों भले सेहतमंद होती है, लेकिन सावन में इन्हें खाने से परहेज करना चाहिए। सावन में होने वाली बारिश में इन सब्जियों पर कीड़े पनपने लगते हैं, जिससे पेट में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप सावन में हरी सब्जियां खा रहे हैं, तो इन्हें अच्छे से गर्म पानी से धोएं।

दूध से बने उत्पाद

सावन में शिव जी को दूध जरूर चढ़ाएं लेकिन ये दूध आपको नहीं पीना चाहिए। दूध और दूध से बने उत्पादों का सेवन सावन में आपकी सेहत खराब कर सकते हैं। दरअसल गाय-भैंस सावन में जो चारा खाती हैं, उसमें कुछ हानिकारक कीड़े भी हो सकते हैं। जिसका असर उनके दूध में भी हो सकता है। इसलिए इन्हें खाने से परहेज करना चाहिए।

मांस

आपने अक्सर सुना होगा कि सावन महीना शुरु होते ही मांस की बिक्री कम हो जाती है। इसका धार्मिक महत्व तो है ही इसके साथ ही ये आपकी सेहत से भी जुड़ा है। सावन में आपका पाचन कमजोर हो जाता है, जिससे मांस को पचाना काफी मुश्किल हो जाता है। इसलिए सावन में मांस का सेवन नहीं करना चाहिए।

स्ट्रीट फूड्स

सावन में बाहर खुले में रखा खाना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। क्योंकि इस मौसम में बैक्टीरिया और वायरस का खतरा काफी बढ़ जाता है। जिससे खुले खाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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